• Jan 06, 2026

वाटर खेलों में से एक रिवर राफ्टिंग एडवेंचर पर्यटकों के लिए बेहद पसंदीदा एक्टिीविटी है। राफ्ट पर सैर करना तन मन में उत्साह और उमंग का संचार करता है जहां उफान भरती लहरें और पथरीले इलाकों से होकर बहती नदियां भारत की शान है। हिमालयी पर्वतीय ऊंचाईयों से होेकर बहती नदियां और उनकी धारा प्रवाह बहाव भारत में कई नदियों जैसे गंगा, यमुना, अलकनंदा, ब्यास, रावी, भीलंगाना, भागीरथी और झेलम हैं, जिनमें रोमांचक रिवर राफ्टिंग का आनंद लेना सभी को आकर्षित करती है। रिवर राफ्टिंग पसंदीदा और शानदार एक्टिीविटीज़ में से एक मानी जाती है, जिसकी शानदार लोकप्रियता पर मौसम की सर्दी या गर्मी का असर कम ही होता है। अगर आप भी इन अवकाशों में रोमांच की तलाश कर रहें हैं तो कुदरत की गोद में समय बिताने के साथ रिवर राफ्टिंग के इन शानदार भारतीय स्थानों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

राफ्टिंग करने से पहले नदी की तीव्र धाराओं से जुड़ा रैपिड्स वर्गीकरण 

तेज धाराओं की तीव्रता के आधार पर उन्हें ग्रेड्स में विभाजित किया जाता है जिसमें ग्रेड 1 से लेकर ग्रेड 6 तक वर्गीकरण देखने को मिलता है। 

ग्रेड 1ः बहुत ही आसान छोटी लहरें जिसमें कठिनाई स्तर न के बराबर है। 

ग्रेड 2ः मध्यम कठिनाई देखने को मिल सकती है। 

ग्रेड 3ः अनियमित तीव्र लहरें जिसमें कठिनाई स्तर पहले से कुछ ज्यादा होेता है। उचित प्रशिक्षण और तकनीक की आवश्यकता होती है। 

ग्रेड 4ः कठिनाई स्तर के साथ लहरों की तीव्रता पहले से और अधिक तेज होती है, जहां बहुत ज्यादा स्पष्ट तकनीक जरूरी होती है। 

ग्रेड 5ः बेहद कठिन और वाइब्रेंट लहरें , सिर्फ अनुभवी स्पेशलिस्ट्स टीम के लिए योग्य। 

ग्रेड 6ः अत्यधिक कठिन इसलिए जाने योग्य नहीं रहता है।

10 प्रमुख जगहें

1.तीस्ता नदी, मेल्ली, सिक्किम

उत्तर पूर्वी भारत में तीस्ता नदी की मौजूदगी रिवर राफ्टिंग के शौकीनों की इच्छा को पूरा करता है। रोमांच और चुनौतियों से संपन्न यह जगह अपनी तेज धाराओं, हरियाली संपन्न वातावरण और अनोखी कलाओं के लिए जानी जाती है, जो इसे कुदरती सुंदरता के बीच हैरतगंज अनुभवों के आकर्षण प्रदान करता है। भारत के शानदार रिवर राफ्टिंग जगहों में से एक इस स्थान पर तीस्ता नदी के साथ रंगित नदी की उपस्थिति भी देखने को मिलती है जो माउंट काबरू और मंत्रमुग्ध करती घाटियों के बीच से होकर बहने वाली तेज धाराओं को प्रवाहित करती हुई आसपास के परिदृश्यों को और भी ज्यादा खूबसूरती प्रदान करती है। 

प्रमुख आकर्षण: राफ्टिंग करने के साथ ही प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। दार्जिलिंग और सिक्किम के बीच सीमा रेखा बनाती यह नदी रंगित नदी के साथ मिलने के कारण त्रिवेणी संगम भी कहलाता है जो अध्यात्म की दृष्टि से पावन जगह मानी जाती है। आप यहां आसपास में थोंगशा गुम्फा, देओलो हिल, त्सोमगो झील, नाथुला दर्रे और प्रसिद्ध मठों व जलप्रपातों की शोभा निहार सकते हैं। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • मेल्ली सिक्किम हवाई रास्ते से पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट बागडोगरा हवाई अड्डा है जहां आप निजी या साझा वाहनों के माध्यम से पहुंच सकते हैं। एयरपोर्ट से मेल्ली तक की दूरी 75 किमी है। 

रेल मार्ग से 

  • मेल्ली सिक्किम पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी है जहां से आप बस, टैक्सी या कैब से तीस्ता नदी के किनारे पहुंच सकते हैं। यहां से मेल्ली लगभग 70 किमी दूरी पर है। 

सड़क मार्ग से

  • सिलीगुड़ी व दार्जिलिंग से तीस्ता नदी के किनारे मेल्ली शहर के निकट पहुंचने के लिए सड़क रास्ते से जा सकते हैं। 
  • सिक्किम की राजधानी गंगटोक से बस कैब या टैक्सी के जरिए लगभग 50 किमी दूरी तय कर मेल्ली पहुच सकते हैं। 

2. ब्यास नदी, कुल्लू मनाली, हिमाचल प्रदेश 

हिमाचल प्रदेश में मौजूद कुल्लू मनाली में ब्यास नदी के किनारे रिवर राफ्टिंग के लिए हमेशा ही सैलानियों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिलती है। शीतकाल में बर्फबारी की रौनक देखने के साथ ही लोग रिवर राफ्टिंग एक्टीविटी को बेहद पसंद करते हैं। ब्यास नदी की ठंडी जलधारा और आसपास बर्फ के श्वेत परिदृश्यों की श्रृंखला विभिन्न साहसिक गतिविधियों के साथ नदी में पैडल या चप्पू चलाने का यादगार अनुभव ले सकते हैं। ऐसे में कुल्लू-मनाली में आनंद और मौज मस्ती का भरपूर समागम देखने को मिलता है। 

प्रमुख आकर्षणः कुल्लू मनाली में आप रिवर राफ्ंिटग का आनंद लेने के साथ ही पैराग्लाइडिंग और स्कीइंग एक्टीविटी का आनंद ले सकते हैं। इसके लिए आप सोलांग वैली का रूख कर सकते हैं, साथ ही ओल्ड मनाली के शांतिमय और स्थानीय संस्कृतियों को समझें। हिडिम्बा देवी मंदिर में अध्यात्मिक भावना के साथ प्रवेश करें और वशिष्ठ गर्म झरनों की पवित्रता और मंदिरों के दर्शन का अनुभव करें। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • कुल्लू मनाली पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर है जहां से मनाली की करीब दूरी 50 किमी है, इसे आप बस या टैक्सी से तय कर सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • कुल्लू मनाली के निकटतम रेलवे स्टेशन जोंगिदर नगर है जिसकी दूरी लगभग 120 किमी है। बड़े स्टेशनों में चंडीगढ करीब 300 किमी और पठानकोट 285 किमी दूरी पर है। 

सड़क मार्ग से 

  • दिल्ली व चंडीगढ से कुल्लू मनाली के लिए सीधी बसें व टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं इसके अलावा आप अपने निजी वाहन से भी मनाली की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको वाहन अनुसार ग्रीन टैक्स राशि देना अनिवार्य होता है। 

3. अलकनंदा नदी, चमोली, उत्तराखंड 

उत्तराखंड के चमोली में अलकनंदा नदी के किनारे पर ग्रेड 2 से ग्रेड 4 तक के रैपिड्स मिलते हैं, जिसमें रिवर राफ्टिंग का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं। अलकनंदा नदी की यह यात्रा चमोली से शुरू होकर रूद्रप्रयाग तक जाती है। हिमालय की सुंदरतम वादियों से निकलकर बहती हुई तीव्र धाराएं, घने जंगल और गहरी घाटियों के आकर्षण रेतीली मिट्टी और मंत्रमुग्ध करती तारों भरी रातों के लिए पर्यटको को बेहद आकर्षित करता है। आप यहां विभिन्न वन्य प्रजातियो को देखने के साथ ही विविध पक्षियों की श्रृंखला का आनंद ले सकते है साथ ही बोनफायर और कैंिपंग का साहसिक अनुभव ले सकते हैं। 

प्रमुख आकर्षण: अलकनंदा घाटी में स्थित बद्रीनाथ मंदिर, हेमकुंड साहिब, रूद्रनाथ मंदिर जैसे स्थानों की विशिष्ट आध्यात्मिकता का अनुभव लें। आसपास के क्षेत्र में फूलों की घाटी नेशनल पार्क, चंद्रशिला शिखर तक ट्रेकिंग कर सकते हैं। इसके साथ सेब के बागों में स्वादिष्ट स्वाद का यादगार अनुभव लें। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • चमोली जाने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून स्थित जाॅली ग्रांट हवाई अड्डा है जहां से चमोली की लगभग दूरी 200 किमी है, जिसे आप बस या टैक्सी से तय कर सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • चमोली पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जहां से आप बस या टैक्सी के माध्यम से करीब 200 किमी दूरी पार कर जा सकते हैं। 

सड़क मार्ग से

  • सड़क रास्ते से चमोली जाने के लिए उत्तराखंड के प्रमुख शहरों जैसे ऋषिकेश, रूद्रप्रयाग से नेशनल हाईवे 58 के माध्यम से बस या टैक्सी से जा सकते हैं। आप रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे से भी सड़क रास्ते से होकर चमोली पहुंच सकते हैं। 

4. बारापोल नदी, कूर्ग, कर्नाटक

रिवर राफ्टिंग को व्हाइट वाटर राफ्टिंग भी कहते हैं जहां कूर्ग में आप बारापोल नदी में आप इसे बेहतर और यादगार तरह से एन्जाॅए कर सकते हैं। काॅफी चाय के हरे भरे बागानों में फैली खुशबू और कुहासे से ढकी पहाड़ियों की अवस्थिति हृदय की गहराईयों तक प्रकृति की गोद का एहसास कराता है, ऐसे में कूर्ग में रिवर राफ्टिंग का रोमांचक अनुभव बहुत विशेष फीलिंग प्रदान करता है। कूर्ग की बारापोल नदी में पैडल या अन्य रिवर राफ्टिंग प्रकृति की खूबसूरती के साथ ग्रेड 1 से लेकर ग्रेड 4 तक की राफ्टिंग का गिफ्ट प्रदान करती नदी की तेज लहरें और तीव्र धाराएं अन्य नदियो के साथ मिलकर और भी ज्यादा एडवेंचर्स बन जाती है। यहां की माॅर्निंग काफी, बिग बैंग और मिल्की चर्न धाराएं आकर्षित करती है। 

प्रमुख आकर्षण: रिवर राफ्टिंग करते हुए किनारे पर सचमुच हाथियो ंको निहारें साथ ही घने जंगलों की हरियाली और प्राकृतिक परिदृश्यों को देखें। दुबारे हाथी शिविर, इरूप्पु जलप्रपात और ब्रहमगिरी वन्यजीव अभयारण्य में संपन्न जैव विविधता का आकर्षण सहेजें। आसपास अन्य आकर्षणों मे एबे फाॅल्स, राजा की सीट और मंडलपट्टी का अनुभव लें। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • कूर्ग पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा मैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जहां से दूरी करीब 160 किमी है। 

रेल मार्ग से 

  • कूर्ग का नजदीकी रेलवे स्टेशन मैसूर जंक्शन है जहां से दूरी करीब 95 किमी है। 

सड़क मार्ग से 

  • कर्नाटक के प्रमुख शहरो से कूर्ग की दूरी सड़क मार्ग से आराम से तय की जा सकती है। बैंगलोर मैसूर अन्य शहरो से कूर्ग के लिए सीधी यातायात व्यवस्था उपलब्ध है। 

5. लोहित नदी, किबिथू, अरूणाचल प्रदेश 

भारत में किबिथू के पास से प्रवेश करती लोहित नदी में रिवर राफ्टिंग चुनौतीपूर्ण स्तर का सामना कराती है जहां विशेषज्ञ और अनुभवी लोग ही राफ्टिंग का शौक अपना सकते हैं। इस नदी में ग्रेड 4 और ग्रेड 5 स्तर के रैपिड्स देखने को मिलते हैं साथ ही यहां कई ब्लाइंड स्पाॅट है। 

प्रमुख आकर्षणः चीनी सीमा के नजदीक होने के कारण सीमा पार चीनी बस्तियों का दीदार कर सकते हैं। काहो और किबिथु को जोड़ने वाले पुल के लचीलेपन से आकर्षित हो सकते हैं। लोहित नदी की निचली सीमा के पार परशुराम कुंड की आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य और लुभावने परिदृश्य को देख सकते हैं। यहां पाई जाने वाली मेयोर जनजाति की संस्कृति को एक्सप्लोर कर सकते हैं। 

कैसे पहुंचे 

  • अरूणाचल प्रदेश में पर्यटन के लिए इनर लाइन परमिट होना अनिवार्य है, इसे आप आॅनलाइन या आॅफलाइन दोनों ही मोड में प्राप्त कर सकते हैं। 

हवाई मार्ग से 

  • किबिथू पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा डिब्रूगढ है जहां से आप स्थानीय वाहनों की मदद लेकर पहंुच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • किबिथू जाने के लिए रेल मार्ग भी बढिया विकल्प है, यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन तिनसुकिया जंक्शन है। 

सड़क मार्ग से 

  • डिब्रूगढ या तिनसुकिया जगहों से सड़क माध्यम से पहुंचने के लिए तेजू, वालोंग होते हुए किबिथू पहुंच सकते हैं। किबिथू सैन्य क्षेत्र के अन्तर्गत आता है और साथ ही यह भारत का सबसे पूर्वी क्षेत्र है। 

6. गंगा नदी, ऋषिकेश, उत्तराखंड 

ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग के लिए बेहद पसंदीदा स्थानों में से एक है। यहां बहती गंगा नदी और उसकी तीव्र स्वच्छ जलधारा में यह वाटर एक्टिीविटी बेहद आकर्षित करती है। आध्यात्मिक शहर होने के साथ ही यहां रोमांच, मौजमस्ती और प्रकृति की खूबसूरती का अनुभव ले सकते हैं। आनंददायक और मनोरंजक गतिविधि के रूप में रिवर राफ्टिंग का आनंद पूरे परिवार के साथ ले सकते हैं। यहां उपस्थित प्रमाणित रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षक आपको गंगा की तेज लहरों में राफ्टिंग का यादगार अनुभव प्रदान करेंगे। ऋषिकेश भारतीय पर्यटकों के साथ ही विदेशी पर्यटकों को भी बहुत आकर्षित करता है। 

प्रमुख आकर्षण: गंगा नदी पर बने त्रिवेणी घाट की आध्यात्मिकता और योग नगरी में योगाभ्यास कर तनमन को पवित्र करें। राम झूला, लक्ष्मण झूला, कई आश्रम और झरनों की शोभा देखें। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • ऋषिकेश पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा जाॅली ग्रांट देहरादून एयरपोर्ट है जहां से दूरी तकरीबन 28 किमी है। 

रेल मार्ग से 

  • ऋषिकेश पहुंचने का रेल माध्यम नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जहां से आप यहां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा हरिद्वार तक की रेल यात्रा तय कर व वहां से सड़क के माध्यम से भी करीब 60 मिनट के अंतराल पर ऋषिकेश पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • भारत के प्रमुख शहरों से योग नगरी ऋषिकेश के लिए सीधी बसों का संचालन होता है, इसके अलावा टैक्सी, कैब या निजी वाहन से भी ऋषिकेश की यात्रा संपन्न की जा सकती हैं। 

7. स्पीति नदी, स्पीति, हिमाचल प्रदेश 

स्पीति घाटी में बहती स्पीति नदी रिवर राफ्टिंग के लिए उपयुक्त स्थान है जो करीब 16000 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुंजुम पर्वतीय श्रृंखला से निकलते हुए पर्यटको को आकर्षित करती है। अगर आप प्रकृति के मंत्रमुग्ध करते नजारों के साथ साहसिक गतिविधियों का आनंद लेना चाहते हैं तो स्पीति घाटी का चयन कर सकते हैं। जहां लगभग 150 किमी में फैली स्पीति नदी सिर्फ रिवर राफ्टिंग ही नहीं बल्कि कैपिंग, फिशिंग और भी कई सारी साहसिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है। 

प्रमुख आकर्षण: स्पीति घाटी एक शीत मरूस्थल है जहंा रिवर राफ्टिंग के लिए गर्मियों का समय उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा आप यहां बेहद प्राचीन मठों जैसे गोम्पा, धनकर मठ, किब्बर, ताबो मठ के साथ चंद्रताल व सूरजताल शानदार झीलों को देख सकते हैं। पिन वैली नेशनल पार्क में अनोखी संस्कृति, वन्य जीवों और हरियाली संपन्न वातावरण को देख सकते हैं। भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा और जीवाश्मों के लिए लांग्ज़ा गांव का रूख करें। 

कैसे पहुंचे 

  • स्पीति घूमने के लिए इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है जिसे आप निःशुल्क आॅनलाइन या आॅफलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसे आप रिकांग पियो या शिमला में भी ले सकते हैं। 

हवाई मार्ग से 

  • स्पीति पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट कुल्लू स्थित भुंतर है इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चंडीगढ हवाई अड्डा है जो स्पीति से करीब 500 किमी की दूरी पर स्थित है। 

रेल मार्ग से 

  • स्पीति से नजदीकी रेलवे स्टेशन जोगिंदरनगर है लेकिन बड़े स्टेशन के रूप में चंडीगढ रेलवे स्टेशन से जहां से स्पीति के लिए सवारी आसानी से मिल जाती है। 

सड़क मार्ग से 

  • स्पीति घाटी जाने के लिए सड़क मार्ग से दो रूट है जिसमें एक मार्ग शिमला और दूसरा मार्ग मनाली से होकर जाता है। ज्यादातर शिमला रूट खुला रहता है, आप शिमला से काजा तक की यात्रा संपन्न कर आसानी से स्पीति पहुंच सकते है।
  • शिमला से मनाली होते हुए स्पीति घाटी जाने वाला रास्ता रोहतांग और कुंजुम दर्रा होते हुए काजा तक जाता है, यह रास्ता केवल ग्रीष्म ऋतु में ही खुला रहता है। 

8. कामेंग नदी, भालुकपोंग, अरूणाचल प्रदेश 

गुवाहाटी की जनजातीय संस्कृति और हरी भरी हरियाली की सघनता देखने के साथ ही आप कामेंग नदी में रिवर राफ्टिंग का अनुभव ले सकते हैं। इस नदी में ग्रेड 3 और ग्रेड 4 के रैपिड्स इसे मध्यम से कठिन स्तर की ओर ले जाते हैं। इसके अलावा नदी किनारे कैपिंग और ट्रेकिंग का अनुभव भी सहेज सकते हैं। पूर्वी हिमालयी तलहटी मे ंबसी यह जगह पर्यटकों को तब और भी ज्यादा रिझाता है जब अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और झरनों की मोहकता के साथ एडवेंचर की विशेषताएं मुख्यतया आमंत्रण प्रदान करती हुई प्रतीत होती हैं। तवांग के पास से शुरू होती कामेंग नदी असम जाकर ब्रहमपुत्र में विलीन हो जाती है। भालुकपोंग में स्पेशली पर्यटक रिवर राफ्टिंग के लिए आना पसंद करते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः भालुकपोंग में स्थित किला करीब 10वीं शताब्दी में बना ऐतिहासिक स्थान है जहां आज खंडहर देखने को मिलता है। यहंा अवस्थित कई सारे आर्किडेरियम आर्किड के विविध संग्रहों को देखने का अवसर प्रदान करते हैं। कामेंग नदी में आप रिवर राफ्टिंग के साथ ही झूलता हुआ टिप्पी ब्रिज, पिकनिक, फिशिंग और कई सारी एडवेंचर्स गतिविधियो को एन्जाॅए कर सकते हैं। बोमडिला व्यू पाॅइंट से भालुकपोंग के शानदार नजारों को देखने का अनुभव सहेंजे और फोटोग्राफी का आनंद लें। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • भालुकपोंग पहुचने के लिए हवाई रास्ता बेहतर साधन है जहां से नजदीकी हवाई अड्डा तेजपुर है जो यहां से तकरीबन 50 किमी दूरी पर है। इसके अलावा तकरीबन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकरीबन 200 किमी दूरी पर गुवाहाटी एयरपोर्ट है। 

रेल मार्ग से 

  • रेल माध्यम से भालुकपोंग पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन रंगपारा और तेजपुर रेलवे स्टेशन हे जहां से करीब 50 किमी दूरी तय करनी पडती है। 

सड़क मार्ग से 

  • अरूणाचल प्रदेश और असम के बीच स्थित भालुकपोंग सड़क मार्ग से भली भांति जुड़ा हुआ है जहां आप गुवाहाटी, तेजपुर या एनएच 37 के माध्यम से काजीरंगा होते हुए सार्वजनिक या निजी वाहनो के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। 

9. कुंडलिका नदी, कोलाड, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र की जमीन पर रिवर राफ्टिंग का अनुभव लेना चाहते हैं तो कोलाड में बहने वाली कुंडलिका नदी सर्वोत्तम जगह है। यहां साल भर आप इस साहसिक गतिविधि का आनंद ले सकते हैं जहां करीब 12 किमी की तेज धाराओं में व्हाइट वाटर राफ्टिंग का आनंद ले सकता है। कुंडलिका नदी में जल की उपस्थित रावलजे बांध के कारण वर्षभर देखने को मिलती है। यहां ग्रेड 2 और ग्रेड 3 स्तर के रैपिड्स देखने को मिलते हैं जिसमे प्रशिक्षको की मदद से नौसिखिया लोग भी रिवर राफ्टिंग के यादगार अनुभव ले सकते हैं। राफ्टिंग के शुरूआती नियमों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए आप यादगार रिवर राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं। 

प्रमुख आकर्षण: रोमांचकारी वाटर एक्टिीविटी के साथ ही पिकनिक और अन्य गतिविधियों जैसे कायाकिंग, जिप लाइनिंग और रैपलिंग का आनंद लें। आसपास घूमने योग्य स्थानों में देवकुंड जल प्रपात, ताम्हिनी घाट झरना और कुडा गुफाओं का अवलोकन करें। इसके अलावा ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में घोसलगढ़ किला, ताला किला और कोलाड संग्रहालय का भ्रमण करें। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • कोलाड पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पुणे जिसकी दूरी लगभग 100 किमी है। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मुंबई लगभग 120 किमी दूरी पर है।

रेल मार्ग से 

  • महाराष्ट्र के कोलाड शहर स्थित कोलाड रेलवे स्टेशन है जहां आप महाराष्ट्र के प्रमुख शहरो से रेल सेवा के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा कोलाड से करीब 15 किमी की दूरी पर रोहा रेलवे स्टेशन है जहां आप आसानी से टैक्सी या रिक्शा से कोलाड पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से

  • सड़क माध्यम से कोलाड पहुंचने के लिए मुंबई से एनएच 66 से करीब 120 किमी की दूरी तय कर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा पुणे की दूरी लगभग 100 किमी है, जिसे आप बस, कार या टैक्सी की मदद से पहुंच सकते हैं। 

10. टोंस नदी, मोरी, उत्तराखंड 

उत्तराखंड के गढवाल क्षेत्र की शान टोंस नदी करीब 6200 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद बंदरपूंछ ग्लेशियर से नीचे आते हुए आकर्षित करती है, जो यमुना की सहायक नदी के रूप में भी जानी जाती है। इस नदी की विशेषता है कि यहां के जल में शांत और साहसिक रैपिड्स का सम्मिश्रण देखने को मिलता है। इस नदी में ग्रेड 3, गे्रड 4 और ग्रेड 5 तक के रैपिड्स एडवेंचर्स में और भी ज्यादा बढोत्तरी करते हैं, जहां कुशल प्रशिक्षकों का साथ बहुत ज्यादा आवश्यक हो जाता है। चारों ओर घने जंगल और देवदार चीड़ के पेड़ों को देखने का आनंद आकर्षित करता है, जिसके किनारे पर कैपिंग का आनंद भी ले सकते हैं। मोरी जगह उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित है इसलिए यहां दोनों राज्यों की संस्कृतियो ंकी मिली जुली झलक देखने को मिलती है। 

प्रमुख आकर्षण: टोंस नदी में राफ्टिंग का अनुभव लेने के साथ ही आप आसपास के प्रमुख स्थानों का भ्रमण भी कर सकते हैं। आप यहंा लुनागढ क्रीक में ट्रेकिंग का अनुभव ले सकते हैं। गोविंद वन्यजीव अभयारण्य में विविध जीव जंतुओं के साथ पक्षियो के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां सौर स्थान एकमात्र ऐसा मंदिर सहेजता है जो महाभारत के प्रमुख पात्र दुर्योधन पर केंद्रित है, इससे जुड़ी यहां कई विशेष रीति रिवाजों का पालन भी किया जाता है। नेटवार में बना पोखु देेवता मंदिर और सरनौल में बना कर्ण देवता मंदिर महाभारत ग्रंथ की किंवदंतियों को उजागर करता विशेष मंदिर है। टोंस घाटी में कई पौराणिक कहानियां और परंपराओं को देखने का अवसर मिलता है। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • मोरी पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून का जाॅली ग्रांट हवाई अड्डा है, जहां से मोरी की दूरी लगभग 170 किमी है। 

रेल मार्ग से 

  • रेल माध्यम से मोरी पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है जहां से आप आसानी से स्थानीय बस, टैक्सी या कैब से मोरी पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से

  • सड़क माध्यम से मोरी जाने के लिए आप देहरादून, मसूरी के रास्ते पहुंच सकते हैं जहां दिल्ली से मोरी की दूरी लगभग 370 किमी है। 

रिवर राफ्टिंग करने से पहले अपनाने योग्य यात्रा/पैकिंग सुझाव 

1. गर्मियों के दौरान राफ्टिंग करते समय धूप से बचने के लिए धूपरोधी क्रीम या लोशन का इस्तेमाल उचित है।

2. नदी में राफ्टिंग करते समय हो सकता है कि आपके कपड़े गीले हो जाएं, इसलिए चेंज करने के लिए कपड़ों की अतिरिक्त जोड़ी के साथ गीले कपड़ों को रखने के लिए एक्स्ट्रा बैग भी साथ रखें। 

3. वाटरप्रूफ फुटवियर या राफ्टिंग के अनुरूप ही जूते पहनें। 

4. राफ्टिंग करते समय वाटरप्रूफ लाइफ जैकेट व हेलमेट जरूर पहनें।

5. पीने के पानी की बोतल वगैरह साथ रखें क्योंकि राफ्टिंग करते समय आप थकने के बाद प्यास लग सकती है। 

6. राफ्टिंग करने से पहले प्रोफेशनल हेल्प जरूर लें और उन्हीं के निर्देशों के अनुुसार यह जल गतिविधि करें। 

7. प्रशिक्षक के अनुसार ही सही तकनीक का इस्तेमाल करें और पैडल को सही तरीके से पकड़ें। 

8. नाव वगैरह केा मजबूती से पकड़ते हुए गिरने का प्रयास न करें और किसी कारणवश गिर जाएं तो बिल्कुल घबराएं नहीं बल्कि धैर्य रखें। प्रशिक्षक आपकी मदद के लिए तुरंत उपस्थित रहते हैं। 

निष्कर्ष

नदियों की तेज धाराओं के साथ राफ्टिंग का अपना ही अलग मज़ा है जहां मनोरंजन की खासियत के साथ ही रोमांच के भी भरपूर अवसर प्राप्त होते हैं। यह ऐसा एडवेंचर हैं जहां बहुत ज्यादा किसी कठिन ट्रेनिंग या सीखने के लिए बहुत ज्यादा समय की जरूरत नहीं होती है। रिवर राफ्टिंग ऐसा शानदार एडवेंचर है जहां कुछ चुनौतियों का सामना करते हुए रोमांच के शौक को आराम से पूरा कर सकते हैं। खेल प्रेमियो के लिए यह शानदार बाहरी साहसिक गतिविधि है जो कभी कभार जोखिम से युक्त भी हो सकती है लेकिन थोड़ी सी सावधानी और प्रशिक्षण से आप इस एडवेंचर को बहुत अच्छी तरह से एन्जाॅए कर सकते हैं। 

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