• Mar 31, 2026

सर्दियों के मौसम में पहाड़ों पर बर्फ की मोटी चादर और बेहतरीन परिदृश्यों की अद्भुत श्रृंखलाएं रोमांच के शौकीनों के लिए परफेक्ट गंतव्य हो जाते हैं। ऐसे में स्कीइंग की चाहत रखने वालो के लिए ठंडी हवा और बर्फमय वातावरण के साथ मनोरंजन और एडवेंचर का भव्य मिश्रण बर्फ के खेलों से और भी ज्यादा भारत के इन जगहों पर गजब का आनंद प्रदान करते हैं। आइए, इन भारतीय स्थानो के बारें में और करीब से जानते हैं। 

1. सोलंग वैली, हिमाचल प्रदेशः

सोलंग घाटी अपनी लोकप्रिय साहसिक एडवेंचर बर्फ के खेलों की गतिविधियों के कारण शीतकालीन में जन्नत जैसा खूबसूरत नजारा पेश करता है। स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और बर्फीले खेलों की रौनक से जगमगाते नज़ारें तन मन को आनंदित और भाव विव्हल करते हैं। इसके अलावा आप यहां ऊंचे आसमान की खूबसूरती को और भी ज्यादा करीब से जानने का अवसर पैराग्लाइडिंग करने से मिलता है। आनंदित करते परिदृश्य और शीतल ठंडी हवाएं सर्दियों के समय में स्नो ट्यूबिंग जिसमें आप हवा से भरे ट्यूबों का इस्तेमाल कर फिसलने का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं, जिन्हे आप स्नो ट्यूब कहते हैं। इसके अलावा बर्फीली गतिविधि में स्नोमोबिलिंग जिसमें आप बर्फीली सतह, पंगडंडियों और पर्वतीय चोटियों के बीच रोमांचक साहसिक तलाश को स्नोमोबिल की सैर कराते हैं। बर्फ से सराबोर वातावरण में ट्रेकिंग के शौकीन लोग अपनी यादगार यात्रा भी कर सकते हैं।

प्रमुख आकर्षणः पारिवारिक छुट्टियों और पहली बार स्कीइंग का अनुभव लेने के लिए सर्वोत्तम स्थान है।

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग से 

  • नजदीकी हवाई अड्डा भुंतर एयरपोर्ट है जो कुल्लू में स्थित है। यहां से आप टैक्सी कैब या बस से मनाली के सोलंग वैली तक पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • सोलंग वैली मनाली का प्रमुख स्थान है जहां रेल माध्यम से पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन चंडीगढ पहुंचने के बाद मनाली के लिए टैक्सी या बस के जरिए पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • अगर आप दिल्ली की ओर से सड़क माध्यम से जा रहे हैं तो राष्ट्रीय राजमार्ग 44 और एनएच 205 होते हुए मनाली के रास्ते सोलंग वैली पहुंच सकते हैं। मनाली से सोलंग वैली तकरीबन 13 किमी दूरी पर है। 

2. औली, उत्तराखंड 

करीब 2505 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शीतकालीन स्थलों में से प्रमुख यह हिल स्टेशन स्की रिसॉर्ट के रूप में जाना जाता है, यहां कई तरह की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित किये जाते हैं। साफ स्वच्छ बर्फीली ढलानों के लिए प्रसिद्ध यह जगह हिमालय के मंत्रमुग्ध करते परिदृश्य, विस्तृत घास के मैदानों और रोमांचक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। जहां आप अर्ध चंद्र के आकार में स्थापित हिमालयी श्रृंखला में समाहित प्रतीत होती यूरोपीय आकर्षण की छवि का यादगार अनुभव प्राप्त करते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः भारत की स्की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध जहां शानदार और भव्य हिमालयी परिदृश्य आकर्षित करते हैं। स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, रोपवे की सवारी और ट्रेकिंग का अनुभव ले सकते हैं। देश की दूसरी सबसे ऊंची चोटी नंदा देवी के शानदार दृश्य देख सकते हैं। सर्दियों के मौसम में शांत ऑली झील की मोहकता और भी ज्यादा आकर्षित करती है। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से

  • निकटतम एयरपोर्ट देहरादून का जॉली ग्रांट है जहां से औली की दूरी लगभग 280 किमी है। यहां से आप जोशीमठ के रास्ते टैक्सी या बस से औली पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जहां से दूरी 250 किमी है। 

सड़क मार्ग से 

  • सड़क के माध्यम से ऋषिकेश या देहरादून पहुंचे और यहां से जोशीमठ के रास्ते आप औली पहुंच सकते हैं। 

जोशीमठ से औली : जोशीमठ से औली के लिए टैक्सी या साझा जीप के माध्यम से या केबल कारों की मदद से तकरीबन 4.5 किमी दूरी तय कर औली पहुंच सकते हैं। 

3. मुंडाली, उत्तराखंड 

मुंडाली की खूबसूरती के कारण इसे मिनी स्विट्जरलैण्ड भी कहा जाता है। बेहद खूबसूरत और शानदार जगह जहां आप कई सारी स्नो एक्टिविटीज के साथ कैंपिग, राफ्टिंग, रैपलिंग, ट्रेकिंग और रॉक क्लाइम्बिंग आदि खेलों का आनंद ले सकते हैं। मुंडाली में आप सर्दियो ंके समय स्नो बॉर्डिंग, कुदरत की निराली छटा का दीदार कर सकते हैं। मुंडाली बर्फीली गतिविधियों के अलावा ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सामुदायिक और पारंपरिक दर्शन कर सकते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः भीड़भाड़ और हलचल शोरशराबे से दूर देवदार चीड़ के जंगलों की घनी हरियाली बांज बुराश के जंगल के साथ मखमली घास के मैदान और बुग्याल मैदानों के शानदार आकर्षणों को देखकर अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त करते हैं। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से

  • हवाई रास्ते से मुंडाली पहुंचने के लिए आप नजदीकी हवाई अड्डे देहरादून जॉली ग्रांट के माध्यम से लगभग 150 किमी दूरी तय कर पहुंच सकते हैं, चकराता, धरगाड़ के रास्ते मुंडाली तक का सफर तय कर पहुंच सकते हो। 

रेल मार्ग से 

  • निकटतम रेलवे स्टेशन : देहरादून है व आगे का सफर सड़क मार्ग से ही तय कर पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • अगर आप सड़क मार्ग से देहरादून तक का सफर तय कर पहुंच रहे हैं तो आपको देहरादून से अब लगभग 85 किमी दूरी तय कर चकराता पहुंचना है, चकराता से तकरीबन 35 किमी दूरी तय कर धरगाड़ जाएं और धरगाड़ से लगभग 2 किमी दूरी तय क मुंडाली पहुंचे। 

4. गुलमर्ग, जम्मू व कश्मीर 

सर्दियों यानी दिसम्बर से मार्च तक का समय गुलमर्ग में बर्फ और इससे जुड़ी शानदार एक्टिविटीज के लिए जाना जाता है। गुलमर्ग जिसे फूलों के मैदान नाम से जाना जाता है। यहां आप गोंडोला केबल कार की सवारी जो दुनिया की सबसे ऊंची केबल कारो में गिनी जाती है, कोंगडोरी और आफरावात शिखर की सैर कराती गोंडोला सवारी गुलमर्ग का सबसे उत्कृष्ट आकर्षण हैं। कंगडोरी से स्ट्रॉबेरी घाटी के सुंदरतम नजारें और बर्फीले नजारे स्कीइंग के लिए उत्तम वातावरण प्रदान करते हैं। शीतकालीन समय में गुलमर्ग में हो रही बर्फबारी के श्वेत आकर्षण जहां इग्लू, देवदार चीड़ के वृक्षों पर दिखती श्वेत चादर सी खूबसूरती बर्फ की श्वेत चांदनी सी खूबसूरती बिखेरती है। 

प्रमुख आकर्षणः सर्दियों के समय गुलमर्ग अल्पाइन जंगलो के साथ स्नोबोर्डिंग और स्कीइंग जैसे बर्फीले खेलों के लिए प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण केंद्रों के लिए जाना जाता है। इसके अलावा आप यहां खिलनमर्ग, महारानी मंदिर, सेंट मैरी चर्च, निंगली नाला और बायोस्फीयर रिजर्व का रोचक अनुभव ले सकते हैं। सेंट मैरी चर्च और गुलमर्ग गोल्फ कोर्स देखें जहां आप फोटोग्राफी का लुत्फ ले सकते हैं। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से

  • हवाई रास्ते से गुलमर्ग पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट श्रीनगर इंटरनेशनल हवाई अड्डा है जहां से आप लगभग 50 किमी दूरी तय कर गुलमर्ग पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • रेल माध्यम से गुलमर्ग पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मूतवी, उधमपुर और कटरा है जहां से आप जम्मूतवी से श्रीनगर के लिए वाया बस या टैक्सी लगभग 6 घंटे में पहुंचकर तंगमर्ग होते हुए गुलमर्ग पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • आप चाहें तो श्रीनगर या जम्मू तक बस से सफर कर आगे श्रीनगर और तंगमर्ग होते हुए गुलमर्ग पहुच सकते हैं। तंगमर्ग से गुलमर्ग की दूरी लगभग 10 किमी है। 

5. स्पीति घाटी, हिमाचल प्रदेश

स्पीति घाटी ट्रांस हिमालय का एक शानदार भाग है जहां प्रकृति की भव्यता और सर्दियों के समय यहां चारों ओर बर्फीले नजारों की सुंदरता मन को बेहद रोमांचित करती है। ऐसे में इस शीतकालीन मरूस्थल में आप मठों की दिव्य शांति और आध्यात्मिकता में स्कीइंग के साथ कई अन्य खेलों का आनंद प्राप्त कर सकते हैं। ठंडे रेगिस्तान में शांत और प्रकृति के अनुपम दृश्यों को दर्शाता स्पीति घाटी अपनी संस्कृति और रीति रिवाजों के साथ मजबूत बर्फ की मोटी चादरों के कारण बर्फ के शौकीनों के लिए एकदम स्वर्ग जैसा आकर्षण पैदा करता है। 

प्रमुख आकर्षणः शीत मरूस्थल जहां सर्दियो के समय अत्यधिक बर्फीले वातावरण का आनंद ले सकते हैं। स्कीइंग, स्नोबॉर्डिंग और अन्य गतिविधियों के साथ कई सारे बौद्ध मठों मे दर्शन लाभ प्राप्त करने के साथ ही यहां बसे गांवों के रहन सहन और जीवनशैली को करीब से समझ सकते हैं। 

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग से 

  • हवाई रास्ते से स्पीति घाटी पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा कुल्लू का भुंतर एयरपोर्ट है जहां से आप स्पीति तक पहुंचने के लिए बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन चंडीगढ है, इसके आगे स्पीति तक पहुंचने के लिए बस या टैक्सी की मदद ले सकते हैं।

सड़क मार्ग से

  • अगर आप सड़क माध्यम से जाना चाहते हैं तो बस या स्वयं की कार से शिमला या रेकोंग पेओ तक का सफर करें और वहां से स्पीति की यात्रा पूरी करें।

स्कीइंग करते समय अपनाएं प्रमुख बातें 

  • स्कीइंग से पहले शारीरिक और मानसिक तैयारी जरूरी है और स्की स्थल पर बताए गये नियम और चेतावनी संकेतों पर ध्यान जरूर दे। 
  • सर्दी से बचने के लिए कपड़ों का चुनाव करते समय वाटरपू्रफ और गर्म कपड़ों को कई लेयर में पहनें जिससे सर्दी का असर कम हो।
  •  सेफ्टी को तरजीह दें, सदैव बढिया फिट हेलमेट जरूर पहनें और साथ में चश्में का प्रयोग करें।
  • स्की उपकरण स्की, बूट्स और पोल की स्थिति और आकारों को पहले से जांच ले।

निष्कर्ष

पर्वतीय जगहों पर सर्दियों में बर्फ का आकर्षण प्रमुख होता है जहां आप शीतकालीन अवकाश बिताने की तलाश में हों या फिर रोमांचक खेलों के प्रेमी हों, सर्दियो में इन जगहों की मोहकता और परिदृश्य श्वेत कांतिमय आभा से चकाचौंध करते हुए सभी को आकर्षित करते हैं। हिमाचल प्रदेश की भव्य बर्फ की मौजूदगी और कश्मीर, उत्तराखंड की हरी भरी श्वेत छवि मन को भाव विभोर करती है। तो निकल पड़िए भारत की शीतकालीन यात्रा पर जहां बर्फीली साहसिक गतिविधियों की उमंग तरंग मन पर कुदरत की अलौकिक आभा के साथ अविस्मरणीय रोमांचक अनुभव प्रदान करती है।