• Jan 22, 2026

स्कूबा डाइविंग पानी के भीतर मनोरंजन का अवसर प्रदान करता है जहां अंदरूनी वातावरण, प्रवाल भित्तियां और हरे नीले शैवालों की विविध श्रृंखला शानदार आकर्षण के साथ ही रोमांच की ऊंचाईयों को स्पर्श करता है। भारत में इन जगहों की कमी नहीं है, तीनों ओर से महासागर से घिरा हुआ यह देश जलप्रेमियों के लिए बहुत कुछ प्रदान करता है जैसे झीलों, नदियों, समुद्रों, नदी द्वीपों और बैकवाटर के शानदार नजारों की विस्तृत श्रृंखलाएं आपके मनोरंजन के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। जलमग्न एक्टिीविटीज अपने आप में ही रोमाचंक और हैरतगेंज हैं जहां आप जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की खूबसूूरती का आनंद लेने के साथ ही फिरोजी रंग के पानी में गोते लगाते हुए समुद्री जीवन को करीब से महसूस करना किसी करिश्मे से कम नहीं लगता। सेल्फ कंटेन्ड अंडरवाटर ब्रीदिंग अप्रेट्स यानी स्कूबा के साथ बिना किसी स्किल के साथ भी पानी के भीतर रहना, भारत के शानदार स्कूबा डाइविंग स्थलों के बारें में जानने की उत्सुकता को और भी ज्यादा बढा देता है। आइए जानते हैं, ऐसे ही भारतीय स्कूबा डाइविंग स्थलों के बारें में विस्तार से जानते हैं।

स्कूबा डाइविंग करते समय सुरक्षा नियमों की जानकारी

जब पानी के अंदर सांस लेने के उपकरण का उपयोग करके पानी के नीचे की दुनिया देखी जाती है तब यह स्कूबा डाइविंग ही होती है। गोताखोर पानी की सतह से स्वतंत्र रूप से सांस लेने में सक्षम बनाता है। स्कूबा डाइविंग करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइए विस्तार से जानते हैं।

1. अपनी सीमाओं के भीतर ही रहें

2. कभी भी सांस न रोकें

3. अपने एप्रेटस की पूर्व जांच बहुत आवश्यक है

4. स्कूबा डाइविग करने से पहले शारीरिक व मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार होना जरूरी है।

5. किसी के साथ स्कूबा डाइविंग करने को तरजीह दें। इससे साथ, आनंद और सुरक्षित एक साथ प्राप्त होगा।

6. गोताखोरी के महत्वपूर्ण स्किल के कुछ पूर्वाभ्यास करें।

7. समुद्री जीवन के भीतर मनोरंजन करें लेकिन वहां प्रदूषण न फैलाएं और जीवों को परेशान न करें।

स्कूबा डाइविंग के लिए 10 सर्वश्रेष्ठ भारतीय जगहें

1. लक्षद्वीप

भारत का एकमात्र प्रवाल भित्ति द्वीप लक्षद्वीप बेहद सुदंर जगह है जहां समुद्री नजारों की खूबसूरती और स्कूबा डाइविंग के लिए साफ स्वच्छ पानी की उपलब्धता और जीवंत प्रवाल भित्तियों की मोहकता देखने में आकर्षक लगती है। विविध समुद्री जीवों के निवास स्थान के रूप में प्रसिद्ध लक्षद्वीप मंटा रे, रीफ शार्क, और रंगबिरंगी मछलियों के साथ कछुओं की मोहकता देखने को मिलती है। लक्ष़़द्वीप में पसंदीदा स्कूबा डाइविंग योग्य द्वीपों में अगाटी द्वीप, कालापेनी और बंगाराम के ढलान हैं। इनकी समुद्री जैव विविधता और शांतिमय मौजूदगी पर्यटकों को और भी ज्यादा मोहित करती है। आप चाहें लक्षद्वीप में पहली बार स्कूबा डाइविंग कर रहें हों या अनुभवी हों, अरब सागर के समुद्री तलों से नीचे जलमग्न दुनिया आपको भीतरी शांति, शानदार परिदृश्य और विभिन्न जीवों की प्रजातियों से रूबरू कराती हुई यादगार और अविस्मरणीय पल प्रदान करती है। 

प्रमुख आकर्षणः लक्षद्वीप में आप कवरत्ती, मिनीकाॅय द्वीप, कदमत द्वीप को निहारें। पिट्टी बर्ड सैंक्चुअरी पक्षी दर्शन के लिए शानदार घर है। एंड्राट द्वीप चेतलात द्वीप और भी कई सारे द्वीपों पर शानदार समय बिता सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: दिसम्बर से अप्रैल तक 

कैसे पहुंचे 

लक्षद्वीप पहुंचने के लिए केरल के कोच्चि से होकर जाया जाता है और इसके बाद से आप हवाई मार्ग या जल मार्ग से लक्षद्वीप पहुंच सकते हैं। लक्षद्वीप की यात्रा के लिए परमिट लेना जरूरी होता है, इसके लिए आपके पास पासपोर्ट साइज फोटो, सरकारी पहचान प्रमाण पत्र, जर्नी टिकट और आवास बुकिंग की जरूरत होती है। 

हवाई मार्ग से 

  • कोच्चि एयरपोर्ट से हवाई जहाज के माध्यम से लक्षद्वीप के अग्टाटी द्वीप पहुंचकर लक्षद्वीप की सैर कर सकते हैं। 

जल मार्ग से 

  • कोच्चि से जलमार्ग के रास्ते एम वी कावारत्ती या एम वी मिनिकाॅय द्वीप के लिए क्रूज या शिप से भी जा सकते हैं जिसमें समय लगभग 17 घंटे लग सकते हैं। 

2. अंडमान निकोबार

अंडमान द्वीप समूहों मेें स्कूबा डाइविंग का आनंद लेना बेहद शानदार है जहां कई तरह की अन्य वाटर स्र्पोट्स और एक्टिीविटी भी एन्जाॅए कर सकते हैं। शांत स्वच्छ और क्रिस्टल क्लियर समुद्री तटों की मौजूदगी और लंबे घने वृक्षों की उपस्थिति के बीच आती जाती लहरें, स्कूबा डाइविंग के लिए इसे और भी अधिक आकर्षक बनाती हैं। समुद्री किनारों पर समुद्री भोजन का लजीज स्वाद चखना व दूर दूर तक जलमग्न परिदृश्यों को देखना सभी पर्यटकों को यहां और भी ज्यादा पसंद आता है। स्कूबा डाइविंग यहंा की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करता है, जल से घिरी तटीय संरचनाएं, प्रवाल भित्तियो के नजारें और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र, उथले पानी वाले तट ज्वालामुखी लावा पहाड़ियों से घिरे शानदार लगते हैं। 

प्रमुख आकर्षण: अस्पर्श और जीवंत मूंगे के साथ हैवलाॅक द्वीप, पोर्ट ब्लेयर में सेलुलर जेल, महात्मा गंाधी समुद्री नेशनल पार्क और नाॅर्थ बे आइलैंड वाटर स्पोट्र्स के लिए शानदार स्थल है। काला पत्थर बीच, वाइपर द्वीप, चैथम साॅ मिल और भरतपुर बीच का आनंद ले सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा होता है जब आप अंडमान में स्कूबा डाइविंग के लिए जा सकते हो। 

कैसे पहुंचे 

  • अंडमान निकोबार पहुंचने के लिए हवाई मार्ग या जल मार्ग के माध्यम से पहुंच सकते हैं। 

हवाई मार्ग से 

  • अंडमान पहुंचने के लिए हवाई मार्ग भी उपयुक्त विकल्प है जहां आप मुख्य राजधानी पोर्ट ब्लेयर में स्थित वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से अंडमान की सैर के लिए जा सकते हैं। 

जल मार्ग से

पानी वाले जहाज के माध्यम से आप चेन्नई, विशाखापत्तनम और कोलकाता से क्रूज या शिप से चल सकते हैं जहां आप 2 से 3 दिन में अंडमान पहुंच सकते हैं। 

3. गोवा

ग्रांडे द्वीप के पास स्कूबा डाइविंग के लिए शानदार स्थान है, यहां की समुद्री खूबसूूरती और जीवों की विविधता, मूंगा चट्टानें और डूबे हुए जहाजों के अवशेष देखने को मिलते हैं। समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, प्रवाल भित्तियों की शोभा आकर्षित करती है। यहंा बनाना बोट राइड और जेट स्कीइंग गतिविधियों के आकर्षण भी आकर्षित करते हैं। गोवा में स्कूबी डाइविंग समुद्री जीवन का बेहतरी से एक्सप्लोर और विरामस्थल प्रदान करता है। यहां समुद्री जल की दृश्यता लगभग 10 से 15 मीटर गहराई लिए हुए है, यहां नौसिखिया और प्रोफेशनल दोनों तरह के लोग स्कूबा डाइविंग का अनुभव ले सकते हैं। इन गहराईयों मे ंविदेशी मछलियों के नजारें, संपन्न जैव विविधता और प्रकृति की सुुंदरता की खूबियां बयां करते हैं। 

प्रमुख आकर्षण: गोवा के समुद्री तटों की जीवंतता और खासियत हमेशा ही पर्यटको को रिझाती है। बागा बीच जहां आप कई तरह की जलीय गतिविधियों और यहां होने वाली पार्टीज वगैरह का आनंद ले सकते हैं। कलगंुट बीच जहां कई तरह के मनोंरजक गतिविधियां और मोहकता इसे समुद्री तटों में सर्वश्रेष्ठ बनाती है। अंजुना, वागाटोर बीच मे नाइटलाइफ और बीच किनारे वाली फेस्टिव वाइब्स को फील कर सकते हैं। इसके अलावा दक्षिणी गोवा में पालोलेम बीच, अगुआडा किला और दूधसागर झरने के मंत्रमुग्ध करते परिदृश्यों को महसूस कर सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट के माध्यम से गोवा की सैर के लिए हवाई रास्ते से पहुंच सकते हैं। जहां भारत के प्रमुख शहरों से गोवा के लिए सीधी उड़ाने मिलती हैं। 

रेल मार्ग से 

  • गोवा के प्रमुख रेलवे स्टेशन मडगांव, वास्कोदगामा, करमाली और थिविम है जहां आप देश के किसी भी हिस्से से रेल माध्यम से गोवा पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • सड़क माध्यम से गोवा पहुंचने के लिए आप देश के प्रमुख शहरों से बस या टैक्सी के माध्यम से गोवा पहुंच सकते हैं। 

4. नेतरानी द्वीप, कर्नाटक

कर्नाटक का यह द्वीप पिजन आईलैण्ड के नाम से भी जाना जाता है जहां साफ स्वच्छ जल और विविध समुद्री जीवों की संपन्न जैव विविधता पर्यटकों को स्कूबा डाइविंग के रोमांचक अवसर प्रदान करता है। नौसिखिया या अनुभवी गोताखोरों के लिए यहां प्रवाल भित्तियों के आकर्षण, मोरे ईल, व्हेल शार्क, बैराकुडा व छोटी मछलियों की विहंगम झुण्ड भी देख सकते हैं। यहां पानी के अंदर की दृश्यता 15-30 मीटर तक रहती है। भारत के शानदार स्कूबा डाइविंग स्थानों में से एक यह स्थान सुनसान द्वीप के नाम से भी जाना जाता है। पिजन आईलैण्ड के रूप में प्रसिद्ध इस द्वीप पर घुमावदार चट्टानी संरचनाएं जहां कई कबूतर आश्रय पाते हैं जहां घनें वृक्षों और प्राकृतिक सुंदरता की शोभा और भी ज्यादा मंत्रमुग्ध करते परिदृश्यों का निर्माण करती है। मूंगे के रंगीन परिदृश्य और मछलियों की शोभा स्कूबा डाइविंग को और भी ज्यादा शानदार बना देते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः मुरूदेश्वर के पास स्थित इस द्वीप के आसपास प्रसिद्ध जगहो के कई आकर्षणों को निहार सकते हैं- मुरूदेश्वर मंदिर जिसमें लगभग 120 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा, मंदिर की 20 मंजिल गोपुरम अरब सागर के किनारों को और भी ज्यादा मोहकता प्रदान करता है। मैंगलोर के निकट पनम्बूर बीच की खूबसूरती और यहा मौजूद कादरी मंजूनाथ मंदिर आध्यात्मिकता का एहसास देता है। द्वीप पर नाव की सवारी का अनुभव भी ले सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: मानसूनी महीनों को छोड़कर कभी भी जा सकते हैं। 

कैसे पहुंचे 

नेतरानी द्वीप पहुंचने के लिए सबसे पहले मुरूदेश्वर जगह पर पहुंचना जरूरी हैं जहां आप हवाई, रेल या सड़क विकल्पों के माध्यम से पहुंच सकते हैं। मुरूदेश्वर से नेतरानी द्वीप पहंुचने के लिए एकमात्र मार्ग जल के द्वारा ही है जहां आप द्वीप तक पहुंचने के लिए नाव करना जरूरी है जिसकी दूरी लगभग 19 किमी और इसे तय करने में लगभग 60 मिनट से 90 मिनट तक का समय लग सकता है। 

हवाई मार्ग से 

  • मुरूदेश्वर पहुंचने के लिए मंगलौर एयरपोर्ट करीबी है जिसकी मुरूदेश्वर से लगभग दूरी 155 किमी है जिसे आप बस या टैक्सी से तय कर सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • मुरूदेश्वर मे मुरूदेश्वर रेलवे स्टेशन की सुविधा इसी नाम से है जो केंद्र से लगभग 2 किमी दूरी पर है। 

सड़क मार्ग से 

  • आसपास के राज्यो ंके प्रमुख शहरों से मुरूदेश्वर के लिए सीधे बसें संचालित होती है जहां आप एनएच 17 के माध्यम से आसानी से मुरूदेश्वर तक की दूरी तय कर सकते हैं। 

5. कोवलम, केरल

केरल के कोवलम मे स्कूबा डाइविंग बेहद रोमांचक अनुभव प्रदान करती है जहां साफ स्वच्छ पानी में दिखाई देती जीवंत प्रवाल भित्तियों के नजारें, सुनहरी मछलियां और अन्य समुद्री जीवों की रौनक आकर्षित करती है। पानी के नीचे की जीवंत चट्टानें और जलीय वनस्पतियों की मौजूदगी के साथ मछलियों के घने झंुड से सामना कर सकते हैं। कोवलम में स्कूबा डाइविंग शानदार वाटर वंडरलैण्ड की तरह प्रतीत होती है। पानी के नीचे जाने की रोमांचकता और जादुई नजारों के आनंद लेने के लिए कोवलम केरल को रूख करें जहां आप सच्ची खुशी की अनुभूति करेंगे। स्कूबा डाइविंग की वीडियोग्राफी से आप इन शानदार यादों को सहेज कर रख सकते हैं। अरब सागर को अलग ढंग से एक्सप्लोर करने के लिए कोवलम की स्कूबा डाइविंग की सैर सर्वोत्तम है। 

प्रमुख आकर्षण: केरल का यह तटीय शहर विश्वस्तरीय प्रसिद्ध स्थल है जहां आप तीन समुद्री तटों से मिलकर बने अर्धचंद्राकार किनारों और सुकून भरे जल की सुदंरता यहां चट्टानी सतह पर बने खाड़ी आकर्षण के कारण और भी ज्यादा आकर्षित करती है। यहां आप नाइटलाइफ एन्जाॅए करने के साथ ही आयुर्वेदिक मसाज और योग केंद्रो में खुद को रिचार्ज अप कर सकते हैं। आप यहां राॅक कट गुफा जो भगवान शिव को समर्पित है, दर्शन करें। वेलायानी झील में आप नाव की सवारी और फिशिंग का आनंद ले सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मई स्कूबा डाइविंग के लिए योग्य समय है। मानसूनी सीजन उपयुक्त नहीं है। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • कोवलम पहुंचने के लिए हवाई रास्ते के माध्यम से निकटतम हवाई अड्डा तिरूवनंतपुरम पहुंचकर लगभग 15 किमी दूरी तय कर कोवलम पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • रेल सेवा माध्यम से कोवलम पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन तिरूवनंतपुरम है, जहां से लगभग 13 किमी दूरी तय कर कोवलम पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • तिरूवनंतपुरम शहर भारत के प्रमुख शहरों से सड़क रास्ते से भली भांति जुड़ा हुआ है जहां आप कोवलम बस या टैक्सी की मदद से पहुंच सकते हैं। 

6. द्वारका, गुजरात 

अरब सागर में गोमती नदी के मुहाने पर स्थित द्वारका गुजरात के तट से दूर स्थित इस शहर के जल में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े शहर बेट द्वारका में खंडहर देखने को मिलते हैं। बेट द्वारका और उसके आसपास के तटीय इलाको में आप स्कूबा डाइविंग के रोमांच का आनंद ले सकते हैं, पानी की गहराई 3 मीटर से 12 मीटर तक रहती है। । महासागर के नीले साफ स्वच्छ जल में तैरते हुए इन डूबे हुए खंडहरों के भ्रमण करने के लिए यह अनोखा अवसर प्रदान करती है। समुद्री तल से नीचे की दुनिया बेहद खास है जहां ऐतिहासिक निशानियों के साथ खूबसूरत प्रवाल भित्तियां और डाॅल्फिन्स, कछुए, स्टारफिश और आॅक्टोपस जैसे कई समुद्री जीवों को देख सकते हैं।

प्रमुख आकर्षण: द्वारका आध्यात्मिक शहर है जहां आप भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े मदिरों का भ्रमण करने के साथ ही ऐतिहासिकता को और भी ज्यादा करीब से देखने के लिए स्कूबा डाइविंग एक्टिीविटी कर सकते हैं, यहंा बेट द्वारका द्वीप, ब्लूबेल बीच, सन प्वांइट, जोंटी टनल और शिवराजपुर द्वीप निहार सकते हैं। इसके अलावा आसपास की जगहों पर प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: स्कूबा डाइविंग के लिए सर्वोत्तम महीनों मे से अक्टूबर से मार्च का समय अच्छा रहता है। वातावरण में ज्यादा गर्मी भी नहीं होती और मानसून की समस्या भी नहीं होती है। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • हवाई रास्ते से द्वारका पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा पोरबंदर और जामनगर है जिनकी दूरी क्रमशः 90 किमी और 100 किमी है। 

रेल मार्ग से 

  • द्वारका जाने के लिए रेल सेवा सुचारू रूप से उपलब्ध है जहां द्वारका रेलवे स्टेशन पर भारत के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों से रेलें आसानी से उपलब्ध रहती हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • गुजरात और आसपास के प्रमुख राज्यों से द्वारका के लिए सीधी बसें या टैक्सी जाती हैं। आप चाहें तो स्वयं की कार से अहमदाबाद होते हुए द्वारका पहुंच सकते हैं। 

7. तारकर्ली, महाराष्ट्र 

अगर आप महाराष्ट्र में स्कूबा डाइविग का मजा लेना चाहते हैं तो तारकर्ली उत्तम स्थानों में से एक है जहां एक छोटे से द्वीप पर बना वृहद सिंधुदुर्ग किला जो उस समय की सैन्य क्षमता से परिचित कराता है आज स्कूबा डाइविंग के लिए आगंुतको के बीच विशेष रूप से जाना जाता है। दुर्ग के एकदम बगल में स्थित स्कूबा डाइविंग योग्य वातावरण अपनी शानदार खूबसूरती के लिए जाना जाता है जहां हरे भरे ताड़ के पेड़, घने जंगल और सुनहरी रेत की चमक सुंदरता को और भी ज्यादा बढाते हैं। अरब सागर पर स्थित डाइविंग क्षेत्र लगभग 20 किमी की रेंज में फैला हुआ है। तारकर्ली में कई सारे पाॅइंट्स पर स्कूबा डाइविंग का लुत्फ ले सकते हैं। जैसे रेटी पाॅइंट, जुवा, कवड़ा, दांडी, अचारा, रेवाला इत्यादि। यहां स्कूबा डाइविंग की गहराई 5 से लेकर 15 फीट तक होती है। अगर आप जनवरी महीने में यात्रा कर रहे हैं तो देवी भगवती मुंगे यात्रा उत्सव में भाग लेकर स्कूबा डाइविंग का मज़ा लें। 

प्रमुख आकर्षण: सिंधुदुर्ग किले की ऐतिहासिकता निहारने के अलावा पास में ही मौजूद दांडेश्वर मंदिर के दर्शन करने जा सकते हैं। तारकर्ली बीच पर अविस्मरणीय सूर्यास्त का नजारा देख सकते हैं। तारकर्ली में आप अन्य रोमांचक जलीय गतिविधियां भी एन्जाॅए कर सकते हैं। तारकर्ली से थोड़ी ही दूरी पर स्थित मालवन और गोवा को घूमने का आनंद ले सकते है। स्थानीय संस्कृति और समृद्धि के साथ प्रकृति की खूबसूरती को सहेज सकते हैं। आप यहां मछली स्पा, समुद्री सैर, नौका विहार, डाॅल्फिन देखना, पक्षियों के दर्शन अलावा कोंकणी व्यंजनों के स्वाद को चख सकते हैं। तोंडावली समुद्री तट, चिवला बीच, राॅक गार्डन, जय गणेश मंदिर देख सकते हैं। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: नंवबर से फरवरी के समय में तारकर्ली के जल की दृश्यता प्रतिशत पूरी तरह साफ होती है। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • महाराष्ट्र तारकर्ली पहुंचने के लिए हवाई रास्ते से पहुंचने के लिए गोवा के दाबोलिम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जा सकते जो तारकर्ली से लगभग 30 किमी दूर है। 

रेल मार्ग से 

  • तारकर्ली से नजदीकी रेलवे स्टेशन सिंधुदुर्ग है जिसकी दूरी लगभग 31 किमी और कुडाल की 32 किमी है। ये कोंकण रेलवे के अन्तर्गत आते हैं। रेलवे स्टेशनों से बस या टैक्सी के माध्यम से तारकर्ली पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • महाराष्ट्र और गोवा की सभी जगहों से सड़क रास्ते के माध्यम मालवन पहुंचकर तारकर्ली आराम से पहुंच सकते हैं। महाराष्ट्र के लोनावला, अंबोली और सतारा को घूमते हुए तारकर्ली की सैर पर जा सकते हैं। 

8. पांडिचेरी 

पुदुचेरी में कई प्रमुख स्कूबा डाइविंग जगहें हैं जहां आप डीप डाइव कर सकते हैं, साथ ही आपको किसी प्रमाणित ट्रेनर की आवश्यकता होती ही है। पुदुचेरी में अरविंद की दीवार जो एक विशाल फौलादी आकृति है जिसकी दीवार जैसी छवि इसे स्कूबा डाइविंग के लिए परफेक्ट बनाते हैं, इसकी गहराई 30-40 मीटर है। यहां पर समुद्री पंखे, गोरगोनियन और स्पंजीय प्रवाल भित्तियों का दीदार कर सकते हैं। यहा के नरम प्रवाल स्पेशली आकर्षित करते हैं। ग्रुपर का अड्डा, ग्रुपर मछलियों के लिए लोकप्रिय है जहां लगभग 22 से 25 मीटर गहराई पर जाकर स्कूबा डाइविंग करना आकर्षक है। साथ ही कई सारे समुद्री जीवों की श्रृंखला के दर्शन कर सकते हैं। अगर आपने पहले कभी डाइविंग को नहीं एन्जाॅए किया है तो डैनी का ईल गार्डन आपके लिए परफेक्ट जगह है, इसकी गहराई लगभग 16 से 18 मीटर है। टेंपल रीफ भी प्रसिद्ध स्कूबा डाइविंग जगह है जहंा जीवन से परिपूर्ण नजारों का आनंद लेते हुए स्कूबा डाइविंग कर सकते हैं। 

प्रमुख आकर्षण: अरविंद की दीवार मे स्कूबा डाइविंग करते समय यहां की मुख्य शोभा 40 मीटर की गहराई है। इसके अलावा मोरे ईल, स्वीट लिप्स, चित्तीदार किरणें, बैटफिश, स्नाउट फिश और सिल्वर मूनीज जैसे कई समुद्री जीव जंतु देखने का अवसर मिलता है। आमतौर पर पानी गर्म रहता है इसलिए पांडिचेरी स्कूबा डाइविंग के लिए सबसे शानदार स्थल है। फ्रांसीसी सभ्यता को दर्शाता पांडिचेरी कई सारे समुद्री तटों और आध्यात्मिक सेंटर्स के लिए जानी जाती है। राॅक बीच, पैराडाइज बीच के साथ मनाकुला विनयगर मंदिर, श्री अरबिंदों आश्रम और बेसिलिका आॅफ द सेक्रेड हार्ट आॅफ जीसस की आध्यात्मिकता को सहेंजे। संस्कृति और विविधता को प्रदर्शित करता पांडिचेरी पर्यटन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट है। 

डाइविंग के लिए सबसे अच्छा समय: नवंबर से मार्च का समय पुदुचेरी में स्कूबा डाइविंग एन्जाॅए करने के परफेक्ट महीने होते हैं। 

कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

  • पांडिचेरी एयरपोर्ट पर सीमित उड़ानों के विकल्प ही मिलते है, इसलिए चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से लगभग 130 किमी दूरी तय कर आप पांडिचेरी यात्रा कर सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • पुदुचेरी रेलवे स्टेशन के माध्यम से आसानी से पांडिचेरी यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा विलुपुरम जंक्शन जो पांडिचेरी से लगभग 30 किमी दूरी पर है, इसे तय कर आप आसानी से पांडिचेरी पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • पुदुचेरी की सड़क यात्रा सुगम है जहां चेन्नई, बेंगलुरू और मदुरै से आसानी से पहुंच सकते हैं जिनकी दूरी क्रमशः तकरीबन 150 किमी व 300 किमी है। जहां राष्ट्रीय राजमार्गों की सुगम उपलब्धता है। 

निष्कर्ष

स्कूबा डाइविंग के लिए भारतीय जगहों की विविधता और उपस्थिति रोमांच के शौकीनों के लिए परफेक्ट जगहें है। विभिन्न भारतीय जगहों में पानी के अंदर की विशेषताएं अलग व अद्वितीय होती हैं, जहां स्कूबा डाइविंग करना शानदार और विशेष अनुभव प्रदान करता है। अरब सागर में बसे लक्षद्वीप द्वीपसमूह में 30 से ज्यादा एटोल हैं, जहां शानदार डाइविंग अवसर मिलते हैं वहीं अंडमान निकोबार को लाइवअबोर्ड डाइविंग के लिए विशेषतः जाना जाता है। दक्षिणी पश्चिमी तट पर गोवा की मौजूदगी और अन्य भारतीय जगहें स्कूबा डाइविंग के लिए रोमांचक अवसर प्रदान करती है, जहां मनोरंजन और यादगार क्षणों के साथ तन मन को आत्मिक संतुष्टि भी मिलती है।

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