• Dec 16, 2025

भारत में सर्दियों की ऋतु बहुत ही शानदार होती है। गिरते हुए तापमान में कोहरे से सराबोर सुबहें, पहाड़ों पर होती बर्फबारी, गरमागरम चाय की चुस्कियों के साथ उत्तर में ढकी बर्फ की पहाड़ियों से लेकर पश्चिमी की स्वर्ण सी रेतीली ज़मीन तक और पूरब और दक्षिण में फैली कॉफी की बागानों की महक के साथ मंत्रमुग्ध करते परिदृश्यों की श्रृंखला देखने को मिलती है।

शीत ऋतु का समय छुट्टियों का आनंद लेने का सर्वोत्तम समय होता है जब पूरे भारत में हर जगह का मौसम कुछ विशेष सुहाना हो जाता है। अद्भुत छटा में पर्यटन स्थलों की यात्रा और एडवेंचर एक्टीविटीज के लिए शानदार बनाता है।

इसलिए हम आपके लिए यहां ऐसे ही दर्शनीय स्थलों की सूची लेकर आए हैं जहां बर्फ से ढके पहाड़, रेगिस्तान से लेकर गुनगुनाती धूप के सायों से सजे समुद्री तट और विशाल लंबे वृक्षों, चाय, कॉफी के बागानों के आकर्षण हैं।

1. राजस्थान

सर्दियों राजस्थान घूमने के लिए सर्वोत्तम जगहों में से एक है। सर्द मौसम में रेगिस्तानी गर्मी और उमस से राहत भरी ठंडक मिलती है, जहां जयपुर, बीकानेर, उदयपुर, जैसलमेर और नीली नगरी जोधपुर जैसे उल्लसित शहरों को घूमने का मौका मिलता है। विशाल भव्य महल, राजबाड़ियां और रेतीली ज़मीन पर गुनगुनाती धूप का गर्म एहसास तन मन को यादगार अनुभव देता है। उदयपुर की धुंध भरी झीलों में नाव की सैर करना या रेतीली धरती पर ऊंट की सवारी करने के साथ ही जयपुर की बाजारों से खरीदारी का आनंद लेना और इन जीवंत शहरों की सैर करना अच्छा लगता है।

महलों में होती शाम और सूर्यास्त के परिदृश्य और जयपुर की चोखी ढाणी में सांस्कृतिक गतिविधियां और पुष्कर जैसे पवित्र शहरों में मेले और जैसलमेर में मरूस्थल महोत्सव का आनंद लेना बहुत ही ज्यादा आकर्षित करता है।

कैसे पहुंचे ?

राजस्थान के शहरों तक जाने के लिए जयपुंर में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, उदयपुर में महाराणा प्रताप हवाई अड्डा और अन्य जगहों पर जाने के लिए भी नजदीकी एयरपोर्ट मौजूद है जहां से आप मनपसंद राजस्थानी जगहों पर घूमने जा सकते हैं।

रेल मार्ग से

राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों में रेलवे स्टेशनो की सुविधा है जैसे जयपुर रेलवे स्टेशन, उदयपुर रेलवे स्टेशन, बीकानेर आदि के लिए रेल सेवा के माध्यम से जा सकते हैं।

सड़क मार्ग से

राजस्थान पहुंचने के लिए सड़क माध्यम का रास्ता चुन कर आप प्राइवेट या सरकारी वाहनों की मदद से नियत जगह जा सकते हैं, यदि आप चाहे तो स्वयं ड्राइव कर भी पहुंच सकते हैं।

2. कच्छ का रण, गुजरात

सर्दियों में गुजरात का यह हिस्सा पूर्णिमा के चांद से रोशनी से सराबोर होता है, न कि बर्फीले आंचल से। रेगिस्तानी की श्वेत रेत, संस्कृति से रंगे महोत्सव व कार्यक्रम और ऊंट की सवारी कच्छ के रण को शीत ऋतु के लिए अद्भुत पर्यटन क्षेत्र बनाते हैं।

शीत ऋतु की शुरूआत से लेकर ग्रीष्म ऋतु के आगमन तक चलने वाला कच्छ रण महोत्सव भारत का विशाल सफेद रण उत्सव है जहां संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां फेस्टिव कार्निवाल पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं। इसका मुख्य आकर्षण यहां बनी टेंट सिटी की लग्ज़री लाइफ आधुनिक सुख सुविधाओं की खूबसूरती से बनी किसी संपूर्ण शहर जैसी लगती है। पूर्णिमा की चांदनी में नमक के इस रेगिस्तान का भव्य दृश्य जमीन पर स्वर्ग जैसी छटा बिखेरता है।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

नजदीकी एयरपोर्ट भुज हवाई अड्डा है जहां से कच्छ का रण करीब 84 किमी दूर है।

रेल मार्ग से

नजदीकी रेलवे स्टेशन भुज है जहां से स्थानीय वाहनों की मदद से कच्छ के रण की यात्रा संपन्न की जा सकती है।

सड़क मार्ग से

आप बस या स्वयं की कार से कच्छ के रण पहुंच सकते हैं।

3. अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

अंडमान निकोबार घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का ही होता है जो अपने प्राचीन समुद्री किनारे, क्रिस्टल क्लियर पानी और उत्साही जीवन के लिए मशहूर है। हिंद महासागर में सुदूर स्थित इस द्वीप समूह आनंद और रोमांचक गतिविधियों के साथ साफ स्वच्छ सुहावने और शांत मौसम के बीच ठंड की दस्तक आकर्षित करती है। यह समय यहां साहसिक गतिविधियों, पर्यटन स्थलों के आकर्षण और शांत समुद्री तटों की सुकून भरी सुबह शाम और धूप से सजे दिन सर्दियों में परफेक्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।

यहां के द्वीपों की सैर करें जैसे हैवलॉक द्वीप पर एलिफेंट बीच, साउथ बटन नेशनल पार्क, माउंट हैरियट राष्ट्रीय उद्यान, इंग्लिश द्वीप, सर हयू रोजग द्वीप, रामनगर बीच और भी कई सारी जगहें हैं जहां शीत ऋतु का आनंद और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डा या वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मदद से अंडमान निकोबार द्वीप समूह की यात्रा संपन्न की जा सकती है। जहां यात्री पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट से अंडमान की यात्रा समुद्री जहाज के माध्यम से संपन्न कर सकते हैं।

4. मनाली, हिमाचल प्रदेशः

सर्दिया आते ही हिमाचल प्रदेश बर्फ के शौकीन लोगों के लिए स्वर्ग जैसा हो जाता है, जहां सफेद बर्फ चादर की खूबसूरती इस हिल स्टेशन की सुंदरता को और भी ज्यादा बढा देती है। कभी कभी तापमान माइनस में जाने से यहां बर्फबारी के भव्य नज़ारें देखने को मिलते हैं। जो किसी दिवास्वप्न की भांति आकर्षक लगते हैं।

मनाली का यह मौसम हनीमून एन्जॉए और बर्फबारी देखने के शौकीन पर्यटकों के लिए सबसे खास होता है जहां ओल्ड मनाली, ब्यास कुंड, गौरी शंकर मंदिर, जोगिनी झरना, भीगरू झील, हम्प्टा दर्रा, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, मनाली अभयारण्य को घूमने के अलावा चंद्रताल, बारालाचा झील की धुंध, अर्जुन गुफा, कसोल और अन्य जलप्रपातों को घूमने के साथ ही कई जलप्रपातों को निहार सकते हैं। मनाली में सोलंग घाटी या रोहतांग घाटी की सैर भी कर सकते हैं जो मनाली के सबसे ऊंचे हिस्सों में शुमार रखते हैं। यहां कई सारी रोमांचक गतिविधियों का आनंद लेना यादगार अनुभव देता है जैसे स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, स्नामैन या फिर एक दूसरे पर बर्फ के गोले फेंककर भी मनाली ट्रिप एन्जॉए कर सकते हैं।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

मनाली का नजदीकी एयरपोर्ट भुतंर में स्थित कुल्लू मनाली एयरपोर्ट है जहा से मनाली की दूरी लगभग 50 किमी है।

रेल मार्ग से

निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिंदर नगर है जहां से मनाली की लगभग दूरी 145 किमी है।

सड़क मार्ग से

सड़क रास्ते से मनाली जाने के लिए प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवा के माध्यम से मनाली का रास्ता तय किया जा सकता है। 

5. गुलमर्ग, कश्मीर

विंटर में कश्मीर के गुलमर्ग की सैर करना अपने आप में ही रोचक एहसास है क्योंकि सर्दियों में यह जादुई रूप से बदल जाता है। ऐतिहासिक प्राकृतिक परिदृश्यों और सर्दियों के दौरान होने वाली शानदार बर्फबारी जहां शांति और सुकून बिखरा हुआ चीड़ और देवदार के वृक्षों की अद्भुत छटाओं का सुमेल सर्दियों में पर्यटन के आनंद को दुगुना कर देती है।

इसके अलावा सर्दियों के दिनों में गुलमर्ग खेल और प्रकृति की चाह रखने वालों के लिए अनोखा आकर्षण लेकर आता है जहां यह जगह शीतकालीन खेलों के लिए विश्वस्तर पर भी अपनी पहचान रखती है। यहां का तापमान माइनस 2 डिग्री से लेकर 7 डिग्री तक पहुंच जाता है इस वजह से यहां कई परतों में गर्म पहनने चाहिए। कभी कभार आने वाली धूप के दौरान बर्फ पर पड़ती इसकी सुदंरता को और भी ज्यादा खूबसूरत लगती है, फोटोग्राफी के लिए यह समय बेहद आकर्षक और लुभावना लगता है। गुलमर्ग गोंडोला की सवारी का भरपूर आनंद ले और गोंडोला से आसपास के मंत्रमुग्ध परिदृश्यों को निहारें। गुलमर्ग का गोल्फ कोर्स मैदान शीतऋतु में और भी ज्यादा आकर्षक हो जाता है जब बर्फ की चादर इस हिस्से को शीतकालीन खेलों के लिए उपयुक्त बना देती है।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

गुलमर्ग पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जहा से गुलमर्ग पहुंचने में करीब 1.5 घंटै का समय लग सकता है। 

रेल मार्ग से

निकटतम रेलवे स्टेशन जम्मू से करीब 350 किमी की दूरी पर स्थित गुलमर्ग तक का सफर यहां से स्थानीय वाहनों के माध्यम से तय कर सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

बर्फबारी के दौरान सड़क मार्ग से यात्रा करना थोड़ा सा रूकावट भरा हो सकता है लेकिन आमतौर पर यह थोड़ी देर में साफ भी हो जाता है। जम्मू श्रीनगर हाईवे पर ड्राइविंग कर आप गुलमर्ग की यात्रा संपन्न कर सकते हैं। 

6. मुन्नार, केरल

पर्यटकों के लिए बेहतरीन जगहों मे से एक मुन्नार अपने चाहने वालों को सर्दियों की ऋतु में शानदार अनुभव प्रदान करता है जहां सेहत, स्वास्थ्य और मनपसंद मौसम की सौगात मुफ्त ही मिलती है। सर्दियां मुन्नार घूमने के लिए सबसे बेस्ट टाइम होता है जब मानसून जाने के बाद ट्रेकिंग और पर्वतारोहण करने के लिए आदर्श समय होता है। शीत ऋतु मे यहां का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। मुन्नार का खुशगवार वातावरण हर उम्र के लोगों के लिए परफेक्ट है जहां सबकी पसंद के हिसाब से मुन्नार तैयार है। आप यहां परिवार या दोस्तों संग क्रिसमस की छुट्टियों को मना सकते हैं।

मुन्नार में नीलगिरी तहर के लिए आप जनवरी माह तक एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कर सकते हैं इसके बाद फरवरी में नीलगिरी तहर के प्रजनन की वजह से यह उद्यान बंद कर दिया जाता है। चाय के बागानों की महक और रात में बहने वाली ठंडी हवाओं के झोंके मन को प्रफुल्लित करते हैं।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 110 किमी की दूरी पर स्थित मुन्नार जाने के लिए स्थानीय वाहनों की मदद लेकर पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

मुन्नार के निकट एर्नाकुलम जंक्शन रेलवे स्टेशन से तकरीबन मुन्नार पहुंचने के लिए कम से कम 4-5 घंटे का समय लग सकता है। 

सड़क मार्ग से 

सड़क माध्यम से मुन्नार जाना बहुत आसान है जहां आप केरल के प्रमुख शहरों से निजी कार या सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से मुन्नार यात्रा पर जा सकते हैं। 

7. तवांग, अरूणाचल प्रदेश

शीत ऋतु में अरूणाचल प्रदेश का तवांग शांति और सुकून का पर्याय कहलाता है। यहां के प्राकृतिक दृश्य, झरने और आध्यात्मिक आभा लिए बौद्ध मठों की अवस्थिति अपनी खूबसूरती और संपन्नता के लिए पर्यटकों के दिलों में खास जगह बनाते हैं। प्रकृति और धार्मिकता का ऐसा अद्भुत सम्मिश्रण तवांग को सर्दियों के मौसम में और ज्यादा दिलचस्पी प्रदान करते हैं, जो अपनी ऐतिहासिक विरासतों के लिए भी जाना जाता है।

बौद्ध मठों की पर्याप्त उपस्थिति हमेशा ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मंत्रमुग्ध करती गुदपी पर्वतमाला से लेकर माधुरी झील और तवांग की घाटियों के दुर्लभ नज़ारें अद्भुत स्थलों के लिए मशहूर है। तवांग पर संगेत्सर और सेला सहित कई सारी हिमनद झीलें भी है जिनका नीला पानी सर्दियों में जम जाता है जहां आप स्केंटिग भी कर सकते हैं इसके अलावा स्कीइंग साहसिक गतिविधि का आनंद भी ले सकते हैं। सर्दियों के समय में लगने वाले लोसार उत्सव को देखना न भूलें।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

तवांग से नजदीकी एयरपोर्ट लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई इंटरनेशनल हवाई अड्डा है जो गुवाहाटी असम में है जिसकी तवांग से करीब 480 किमी की दूरी है। 

रेल मार्ग से

नजदीकी रेलवे स्टेशन रंगापारा रेलवे स्टेशन या तेजपुर रेलवे स्टेशन है जहा से आप सड़क माध्यम से तवांग की यात्रा पूरी कर सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

गुवाहाटी के रास्ते आप तवांग की यात्रा सड़क रास्ते के माध्यम से पूरी कर सकते हैं जो गुवाहाटी से भालूकपोंग, बोमडिला, दिरांग होते हुए तवांग पहुंचता है। 

8. गोवा

शानदार समुद्री आकर्षण और सर्दियों की ऋतु में आरामदायक मौसम का एहसास कराते गोवा के समुद्र्री तट अपने अनोखे अंदाज़ और वाटर स्पोर्ट्स के लिए पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। शीतकाल में गोवा घूमना सबसे अच्छा समय माना जाता है, जब जश्न, पार्टी और सनबर्न के माहौल के साथ मौसम करीब 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। गोवा की नाइटलाइफ और पिस्सू बाजारों का आकर्षण पर्यटन की खूबसूरती को और भी ज्यादा बढा देते हैं। समुद्र तटो के लुभावने मौसम, साफ आसमान और पार्टी वाइब्स गोवा को परफेक्ट टूरिस्ट प्लेस बनाते हैं। विंटर वैकेशन में यहां कई सारे उत्सवों का आयोजन भी होता है जिसमें से एक भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव भी है।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

गोवा पहुंचने के लिए मोपा इंटरनेशनल एयरपोर्ट या डाबोलिम एयरपोर्ट की मदद से पहुंच सकते है। भारत के प्रमुख शहरों से इन एयरपोर्ट पहुचने के लिए फ्लाइट वगैरह आसानी से मिल जाती है। 

रेल मार्ग से

प्रमुख रेलवे स्टेशन जो गोवा से नजदीकी में है वह मडगांव या वास्कोडिगामा है। जिसमें से यह दक्षिणी गोवा के प्रमुख रेलवे स्टेशन है। उत्तरी गोवा के लिए थिविम रेलवे स्टेशन नजदीक है। 

सड़क मार्ग से 

गोवा भारत के एनएच 66, एनएच 4ए और 366 राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। जहां आप बसों के माध्यम से स्वयं की कार ड्राइव कर भी पहुंच सकते हैं। 

9. हम्पी, कर्नाटक

यूनेस्को वैश्विक धरोहर स्थल, हम्पी कर्नाटक राज्य का रामायणकालीन ऐतिहासिक शहर है जहां भगवान राम और उनके जीवन घटनाओं से जुड़े कई मंदिर, खंडहरों के अवशेष देखने को मिलते हैं। हम्पी को विजयनगर साम्राज्य के नाम से भी जाना जाता रहा है जिसके अवशेष आज भी यहां मौजूद है। शीतकाल में यहां के महल, ऐतिहासिक वास्तुकलाएं, और अनुपम मंदिरों की उत्कृष्ट छवियां 15 डिग्री सेल्सियस से लेकर 25 डिग्री सेल्सियस तक के शानदार मौसम में और भी ज्यादा जीवंत हो जाती हैं। इसी मौसम में यहां हम्पी का सांस्कृतिक उत्सव भी मनाया जाता है।

हम्पी के विरूपाक्ष मंदिर, हेमकूट पहाड़ी मंदिर, कमल महल, मतंगा पहाड़ी, पुरंदारदास मंडप अन्य मंदिर और खंडहरों को निहार सकते हैं।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

हम्पी का निकटतम एयरपोर्ट हुबली हवाई अड्डा है जो करीब 165 किमी की दूरी पर है। 

रेल मार्ग से

हम्पी पहुंचने के लिए हॉस्पेट जंक्शन निकटतम रेलवे स्टेशन है जहां से इसकी दूरी करीब 13 किमी है। 

सड़क मार्ग से 

हम्पी, कर्नाटक के सभी प्रमुख शहरों से सड़क माध्यम से जुड़ा हुआ है जहां आप सार्वजनिक या निजी किसी भी प्रकार के वाहनों से पहुचं सकते हैं। 

10. औली, उत्तराखंड

कुमांऊनी हिमालय की गोद में बसा औली तकरीबन 2800 मीटर की ऊंचाई पर उत्तराखंड में स्थित सर्दियों के समय बेहद खूबसूरत शहर है जो एक स्की रिसॉर्ट है। यहां के पहाड़ी ढलान अपने एडवेंचर इवेंट्स के लिए प्रमुख हैं जहां स्कीइंग प्रशिक्षण भी दिया जाता है। औली में अवस्थित पहाड़ी चोटियां जैसे नंदा देवी, पंगेरचुला शिखर हैं, इसके अलावा हेमकुंड साहिब गुरूद्वारा, गोरसन बुग्याल, तपोवन जैसे जगहों पर आप ट्रेकिंग का आनंद भी ले सकते हैं। प्रकृति की चाह रखने वालों के लिए औली शीतकाल में अलग ही रोमांचक अनुभव प्रदान करता है।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

उत्तराखंड के जॉली ग्रांट हवाई अड्डा जो देहरादून में है, यहां से औली के लिए बस या टैक्सी की मदद से पहुंचना आसान है। 

रेल मार्ग से

औली पहुंचने के लिए हरिद्वार या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पास है जहां से सडक रास्ते के माध्यम से जाया जा सकता है। 

सड़क मार्ग से 

औली, उत्तराखंड राज्य का हिल स्टेशन है जहां पहुचने के लिए पहले बस के माध्यम से जोशीमठ तक का सफर तय करना होगा, जहां से औली की दूरी लगभग 10 किमी है। इसके लिए आप रोपवे या फिर सड़क माध्यम से ही औली तक का सफर तय कर सकते हैं। 

11. शिलांग, मेघालय 

पूर्वोत्तर भारत में मेघालय राज्य जिसे बादलों के घर की संज्ञा भी दी जाती है, सर्दियों के मौसम में शानदार नजारों और अनुपम छवि को प्रदान करता है। शिलांग मेघालय की राजधानी है जहां कोहरे से ढके पहाड़, ओस की बूंदों से सजी हयिली और साफ स्वच्छ नदियों के आकर्षण और सूर्यास्त के खूबसूरत नजारें आकर्षित करते हैं। यहां की शांत झीले, ऐतिहासिक गुफाएं, लाइफ रूट वाले पुल और प्रकृति के हर आकर्षण के परिदृश्य शानदार प्रतीत होते हैं। 

शिलांग मेघालय में घूमने के लिए यहां के प्रमुख आकर्षणों को देखना आनंददायक होता है जहां वार्ड्स झील की धुंध भरी झलक और उसमें नाव की सवारी और भी ज्यादा खास लगती है। शिलांग पीक से पूरे शहर की शानदार दृश्य और भव्यता निहारें। अरवाह जीवाश्म गुफाओं की संरचनाओं को निहारें जो सर्दियों में सर्द और शुष्क रहती हैं। मावसमाई गुफा, रिवाई गांव, उमियम झील अन्य आकर्षणों को भी निहार सकते हैं। 

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से 

मेघालय का एकमात्र हवाई अड्डा उमरोई जहा से शिलांग की दूरी लगभग 128 किमी है। यहां से सड़क माध्यम के द्वारा शिलांग पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से

मेघालय पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन असम गुवाहाटी है जहां से लगभग 100 किमी की दूरी तय कर आप शिलांग पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग से

मेघालय अपने आसपास के राज्यों से सड़क के रास्ते के माध्यम से बेहतरी से जुड़ा हुआ है जहां गुवाहाटी से शिलांग जाने के लिए एनएच 40 की मदद से शिलांग की यात्रा कर सकते हैं।

12. मुंबई, महाराष्ट्र

शीत ऋतु और सपनों का शहर मुंबई पर्यटन की दृष्टि से बेहद उपयुक्त जगह है जहां भागती दौड़ती ज़िदगी के साथ ही सुकून और शांति का एहसास कराते समुद्री तटो के आकर्षण है। ऐतिहासिक वास्तुकला के नमूने हो या तेज रफ्तार का अदांजा देखना हो यह शहर खासतौर पर सर्दियों के समय और भी ज्यादा खूबसूरत लगता है। अगर आप उत्तर भारत की तेज सर्दी से राहत पाना चाहते है तो मुंबई शहर की यात्रा आपके लिए परफेक्ट हो सकती है। गेटवे ऑफ इडिया, फिल्म सिटी या मरीन ड्राइव हो इसके अलावा धार्मिकता से भरपूर सिद्धिविनायक मंदिर या हाजी अली दरगाह का दीदार कर सकते है। चौपाटी, जुहू और अक्सा जहां घूमना मुंबई की लिस्ट में जरूर शामिल होता है। इसी के साथ मुंबई में शॉपिंग करने के लिए कोलाबा का रूख कर सकते हैं।

कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग से

हवाई यात्रा द्वारा मुंबई पहुचने के लिए मुबंई एयरपोर्ट से आसानी से मुंबई पहुंच सकते हैं जहां से आप स्थानीय वाहनो ंकी मदद से अपने गंतव्य तक आसानी से जा सकते है।

रेल मार्ग से

मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन या मुंबई के अन्य रेलवे स्टेशनों से मुंबई की सैर पर जा सकते हैं।

सड़क मार्ग से

मुंबई देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा है जहां पहुचने के लिए आप स्वयं की कार या बस से आसानी से पहुंच सकते हैं।

निष्कर्षः

सर्दियों का समय भारत में पर्यटन की दृष्टि से सर्वोत्तम समय माना जाता है। पर्वतीय क्षेत्रों मे बर्फबारी का आनंद, ऐतिहासिक विरासतों के दर्शन, रोमांचक गतिविधियां और रोमांस की दृष्टि से भी उपयुक्त समय माना जाता है। उत्तर में श्रीनगर से लेकर दक्षिण के मुन्नार तक, पूरब के तवांग से लेकर पश्चिम के कच्छ के रण गुजरात तक सर्दियां घूमने के लिए खास वातावरण और मौसम की खूबसूरती प्रदान करती हैं। जहां आप अकेले या परिवार व दोस्तो संग मजेदार ट्रिप की प्लानिंग कर सकते हैं।

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