- Feb 07, 2026
भारत में हवाई यात्रा लग्ज़री और शौक के अलावा पूरे परिवार के साथ सुविधाजनक ट्रिप प्रदान करने का सर्वश्रेष्ठ साधन है। परिवार में बुजुर्गों के साथ ही छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं और स्पेशली जब बच्चों के साथ हवाई यात्रा प्लानिंग करनी हो तो बच्चों को मिलने वाली टिकट को लेकर कई तरह के सवाल मन में आते हैं जैसे कि एयरलाइन्स बच्चों के किराए में कितने प्रतिशत छूट प्रदान करते हैं और उससे जुड़े नियम कैसे हैं। इस बात के संबंध में विभिन्न भारतीय एयरलाइंस का मापदंड भिन्न होता है, आइए, भारतीय एयरलाइंसेस की बच्चों से जुड़ी किराए की नीतियों की समीक्षा करते हैं।
भारतीय एयरलाइंसेस द्वारा विभक्त बच्चों की प्रमुख श्रेणियां
शिशु या टॉडलर ( 0-2 वर्ष ) : नवजात शिशु से लेकर 2 साल तक के बच्चों को किराए के रूप में मामूली शुल्क देना पड़ता है और बैठने की सीट अलग से निर्धारित नहीं होती बल्कि माता पिता या संरक्षक की गोद में ही बैठना जरूरी रहता है और इनके साथ 10 किग्रा तक के सीमा भार को ले जाने की अनुमति रहती है जहां यह पूर्णतया निःशुल्क रहता है।
चाइल्ड ( 2-12 वर्ष ) : विभिन्न एयरलाइंस बच्चों के किराए में छूट देती है या वयस्कों की तरह इनका भी पूरा किराया लेती हैं। बच्चों की टिकट दर में मिलने वाली छूट अलग अलग होती है। त्योहारी सीजन या किसी विशेष अवसर पर इनमें मिलने वाली छूट का प्रतिशत कभी ज्यादा या कम भी हो सकता है और इनके बैठने के लिए अलग सीट निर्धारित होती है।
प्रमुख भारतीय एयरलाइंस जो बच्चों को छूट प्रदान करती हैं
1. एयर इंडिया
एयर इंडिया में पात्रता शर्ते
- शिशु उम्र : 7 दिन से लेकर 2 वर्ष तक की आयु
- बच्चे : 2 वर्ष से 12 वर्ष तक की आयु
- भारतीय नागरिक होना जरूरी है।
- स्थायी रूप से भारत के निवासी हों।
डिस्काउंट ऑफर
- एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के दौरान शिशुओं और बच्चों को वास्तविक किराए में कुछ छूट प्रदान की जाती है। इकोनॉमी क्लास में 10 प्रतिशत और बिजनेस व फर्स्ट क्लास में 25 प्रतिशत की छूट मिल जाती है।
- एयर इंडिया में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान एक तरफ से या दोनों ओर की बुकिंग के समय इकॉनामी और बिजनेस क्लास में शिशु और बच्चों को मिलने वाली छूट दर, मूल किराए पर लागू होती है। छूट की राशि यात्रा श्रेणी और उम्र पर निर्भर करती है। वास्तविक जानकारी बुकिंग प्रक्रिया के समय प्रदर्शित हो जाती है।
- एक बार टिकट हो जाने के बाद उसमें बदलाव, कैंसिल या रिफंड के लिए एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर बताए गए मानक नियमो के अनुसार प्रक्रियाएं लागू की जाती हैं।
- छूट आने जाने और एकतरफा दोनों तरह की बुकिंग पर मान्य है।
- यात्रा के दौरान 0 से 2 वर्ष से कम आयु के शिशुओं को ही यात्री के रूप में माना जाता है।
- यात्रा के दौरान 2 से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यात्री के रूप में माना जाता है।
- शिशुओं के लिए इकोनॉमी क्लास में 10 किग्रा, प्रीमियम इकोनॉमी में 12 किग्रा और बिजनेस व फर्स्ट क्लास में 15 किग्रा का अतिरिक्त चेक इन बैगेज लाने की अनुमति मिलती है।
- बच्चों के लिए चेक-इन बैगेज भत्ता चयनित किराया उनकी क्लास अनुसार ही मान्य होता है।
- अगर शिशुओं या बच्चो से जा ुड़े टिकटों को कैंसिल, रिफंड, पुनः बुकिंग और पुनः जारी करने के लिए संबंधित केबिन श्रेणी के अनुसार किराया नियम लागू होंगे।
- रियायती किराए टिकट न तो समायोजित किए जा सकते हैं और न ही रीरूट किए जा सकते हैं।
2. एयर इंडिया एक्सप्रेस
- शिशु आयु वर्ग : 9 दिन से लेकर 2 वर्ष की आयु तक
- बच्चे : 2 वर्ष से 12 वर्ष की आयु तक की आयु
शिशु व बच्चो से संबंधित नियम
- एक वयस्क के साथ एक शिशु ले जाने की ही अनुमति है और टिकट बुकिंग करते समय शिशु का नाम जोड़ना जरूरी है क्योंकि इसके लिए शिशु के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होता है। इसके अलावा हवाई अड्डे पर शिशु का जन्म प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी होता है। शिशुओं के लिए वयस्कों का 10 प्रतिशत किराया निर्धारित है और शिशुओं को अलग से सीट नहीं मिलती, उन्हे गोद में ही लेकर जाना जरूरी है।
- शिशुओं के लिए बुक टिकट के तहत 10 किग्रा तक का चेक इन बैगेज ले जाना अनुमन्य है जहां 10 किलोग्राम सामान शिशु के साथ यात्रा कर रहे गार्जियन यानी वयस्क के चेक इन बैगेज में ही होना चाहिए, इसे अलग से नहीं ले जा सकते हैं।
- शिशु स्ट्रोलर, बग्गी या प्रैम बिना किसी अतिरिक्त शुल्क अदा किए ही लेकर जा सकते हैं। लेकिन उक्त बेबी स्ट्रोलर का इस्तेमाल यात्रा कर रहे शिशु या बच्चे द्वारा ही किया जाना चाहिए। यदि उक्त वस्तुएं यात्रा कर रहे शिशु/बच्चे के इस्तेमाल से जुड़ी नहीं हैं तो ऐसी परिस्थिति में सामान्य सामान संबंधी लागू हो सकते हैं और पूर्व बुकिंग जरूरी हो सकती है। बेबी स्ट्रोलर केबिन बैगेज में तभी जा सकता है जब वह पॉकेट या फोल्डेबल बेबी स्ट्रोलर हो और केबिन पॉलिसी के अन्तर्गत उपयुक्त हो अन्यथा इसे विमान के कार्गो होल्ड में जमा कर दिया जाता है।
- बच्चे के साथ यानी 2 वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चों की टिकट शुल्क दर पर 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत की रियायत मिल सकती है।
3. अकासा एयर
- अकासा एयर में यात्रा के दौरान शिशु के साथ वयस्क का होना अनिवार्य है और एक वयस्क एक ही शिशु लेकर जा सकते हैं।
- सात दिन की आयु के शिशु को हवाई यात्रा की अनुमति नहीं है।
- अकासा एयरलाइन मे शिशु के साथ यात्रा करने से पहले उसकी आयु का वैध प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी रहता है। इसे डिजिटल प्रति के रूप में भी दिखा सकते हैं। लेकिन यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है तो यात्रा की तारीख पर शिशु का पूरा किराया देना पड़ेगा और सीट उपलब्धता व अनुमति के आधार पर ही वयस्क शिशु सहित यात्रा कर सकते हैं।
- अकासा एयरलाइन में शिशु की हवाई यात्रा के लिए विशेष शुल्क भुगतान कर यात्रा करने की अनुमति दी जाती है।
- अकासा एयरलाइन में शिशुओं को अलग से सीट नहीं मिलती है उन्हें वयस्क की गोदी में ही बैठाया जाना जरूरी है।
- अकासा एयरलाइन की किसी भी विमान में उड़ान के समय अधिकतम 10 शिशुओं की ही अनुमति है इसलिए शिशु के साथ यात्रा करने के लिए समय रहते अकासा एयरलाइन पर संपर्क कर लेना चाहिए और मनचाही उड़ान में बुकिंग की अनुमति सीटें उपलब्ध रहने पर ही दी जाएगी।
- शिशु के साथ यात्रा करने पर अधिकतम सात किग्रा वजन अतिरिक्त हैंड बैगेज ले जाने की ही अनुमति है।
- अकासा एयर में 2 वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए कोई नियत रियायत तो उपलब्ध नहीं है लेकिन कभी कभी विशेष प्रमोशन या अवसरों पर किराए में छूट प्रदान की जाती है। अकासा एयरलाइन में एयर टिकट मे ंमिलने वाली प्रमोशनल छूट किसी विशेष किराया श्रेणियो के लिए न होकर सभी पर लागू होती हैं इसलिए बच्चों की टिकट्स पर भी रियायत मिल जाती है। विशेष अवसरों पर मिलने वाली यह छूट 20 प्रतिशत तक भी होती है।
- अकासा एयरलाइन में टिकट बुक करते समय रियायत दर संबंधी जानकारी के लिए अकासा एयरलाइन की ऑफिशियल वेबसाइट विजिट करना जरूरी है। विशेष अवसर, विशिष्ट समय पर रियायत या छूट वगैरह अक्सर प्रदान की जाती है।
4. इंडिगो
शिशु : ( 0-2 वर्ष )
शिशु शुल्क रियायत के मामले में इंडिगों एयरलाइंस की नीतियां बेहद किफायती और सुविधा प्रदान करने वाली हैं। लेकिन इनका फायदा उठाने के लिए टिकट बुकिंग इंडिगों की ऑफिशयल वेबसाइट या ऐप के माध्यम से करने पर ही टिकट दर में मिलने वाली छूट का लाभ ले सकते हैं।
0 से 2 वर्ष तक के शिशुओं के लिए उड़ान के दौरान कुछ दस्तावेजों को प्रस्तुत करना आवश्यक है
- जन्म प्रमाण पत्र
- जन्म देने वाली मां के अस्पताल से डिस्चार्ज होने की प्रति
- टीकाकरण प्रमाणपत्र
- वैध पासपोर्ट
⇒उड़ान टिकट करते समय यदि शिशु की आयु का वैध प्रमाण पत्र नहीं मिलता है तो शिशु का पूरा किराया देना पड़ेगा और सीटों की उपलब्धता के आधार पर ही यात्रा की अनुमति प्रदान की जाएगी
⇒इंडिगो एयरलाइंस में 0-24 महीने के शिशुओं के लिए समय सीमा के तहत टिकट वगैरह में आश्चर्यजनक छूट प्रदान की जाती है। जो शिशु किराए के रूप में कभी कभी मात्र 1 रूपया ही शुल्क चार्ज करती है, लेकिन इन सभी फायदों के लिए उक्त दस्तावेजों का होना जरूरी हैं बिना इन पेपर्स के शिशु की हवाई टिकट के किराए का पूरा भुगतान करना आवश्यक है।
⇒एयरबस ए320 में प्रति उड़ान में लगभग 12 शिशु और एटीआर में प्रति उड़ान अधिकतम 6 शिशु ही यात्रा कर सकते हैं।
बच्चे ( 2-12 वर्ष )
⇒ इंडिगो एयरलाइंस में 2 से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए अलग से सीट निर्धारित रहती है जिसकी टिकट के लिए पूरा किराया देना पड़ता है। इंडिगों द्वारा मिलने वाली प्रमोशनल छूट के जरिए आप इन टिकटो में रियायत पा सकते हैं जिसके लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट विजिट करते रहें।
⇒ 2 से 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए 18 साल या इससे अधिक आयु के वयस्क के साथ यात्रा करना जरूरी है। इंडिगों एयरलाइन 2 से 5 वर्ष तक की आयु वर्ग को अकेले यात्रा करने की अनुमति प्रदान नही करती है।
⇒ 5 वर्ष से लेकर 12 वर्ष तक आयु के बच्चे शुल्क देकर बिना अभिभावक के इंडिगों में यात्रा कर सकते है, जिसके लिए घरेलू उड़ानों में कम से कम 2 घंटे पहले व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 4 घंटे पहले सूचित करना जरूरी है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में प्रस्थान हवाई अड्डे पर चेक इन के समय माता पिता या अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित अविवाहित नाबालिक फॉर्म को भरना आवश्यक है जिसे आप इंडिगों एयरलाइन की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म में आगमन स्थल पर मिलने वाले माता-पिता या अभिभावक (18 वर्ष या इससे अधिक आयु जरूरी) का नाम और संपर्क नंबर सहित पता भी शामिल होना जरूरी है।
5. स्पाइसजेट
- स्पाइसजेट एयरलाइंस की नीतियों के तहत शिशुओं को गोद में लेकर यात्रा कर सकते है जिनकी उम्र 2 वर्ष से कम होनी चाहिए। गोद मे यात्रा करते हुए शिशु की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए प्रति सेक्टर 1899 रूपये का शुल्क अदा करना पड़ता है।
- प्रत्येक उड़ान सेवा मे शिशुओ सहित वयस्कों को बैठनें संबंधित व्यवस्था के लिए सीटों की उपलब्धता के आधार पर ही अनुमति प्रदान की जाती है।
- शिशुओं संबधित उड़ान व्यवस्था के लिए स्पाइसजेट एयरलाइन में शिशु बुकिंग संबंधित सहायता के लिए आरक्षण संबंधी हेल्पलाइन नंबर 91 (0)124 4983410 या 91 (0)124 7101600 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- स्पाइसजेट में 2 से लेकर 12 वर्ष तक के बच्चो यात्री की तरह मानता है इसलिए इनका पूरा किराया लगता है।
- यात्रा बुकिंग के समय शिशु की आयु का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है अन्यथा वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत न कर पाने की दशा में बुकिंग की तिथि पर शिशु के लिए यात्री किराया देना जरूरी है। शिशु की बुकिंग सीटों की उपलब्धता के आधार पर उपलब्ध रहती है।
- स्पाइसजेट एयरलाइन फ्रीक्वेंट फ़्लायर प्रोग्राम के अन्तर्गत विशेष सुविधाएं प्रदान करता है और 6 से अधिक यात्रियों के समूह में हैं तो छूट प्रदान करता है।
- स्पाइसजेट परिवार और दोस्तों के साथ यात्रा करने पर छूट प्रदान करता है जिसमें दो या दो से अधिक लोगों के लिए बुकिंग करने पर मूल किराए पर 25 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त होती है।
- छूट संबंधी नीतियों की अधिक जानकारी के लिए स्पाइसजेट की आधिकारिक वेबसाइट के फैमिली एंड फ्रेंड्स ऑफर पेज पर लॉगिन कर देख सकते हैं।
निष्कर्ष
भारत में बच्चों की आयु सीमा के अनुसार उन्हें शुल्क दर में रियायत प्रदान की जाती है जहां शिशु वर्ग और चाइल्ड वर्ग के नियमों में अंतर देखने को मिलता है। एयर इंडिया एयरलाइंस में शिशु दर में छूट के साथ अतिरिक्त निःशुल्क चेक इन बैगेज ले जाने की सुविधा मिलती है तो वहीं स्पाइसजेट में दो या अधिक परिवारीजनों की स्थिति में टिकद दर में अच्छी खासी छूट मिलती है। इसके अलावा इंडिगो जैसी एयरलाइंस शिशुओं के लिए निश्चित समय सीमा के भीतर बेहद ही आश्चर्यजनक और किफायती दरें लॉन्च करती हैं। विशेष समय और त्योहारों के दौरान भारतीय एयरलाइंस बच्चों और सभी कैटेगरी के लिए आकर्षक छूट के अवसर प्रदान करती रहती हैं। एयरलांइस द्वारा प्रदान की जाने वाली यह सुविधाएं और ऑफर यात्रियों को उड़ानों के प्रति और भी ज्यादा आकर्षित करते हैं।
भारतीय एयरलाइंस से उड़ान के दौरान शिशुओं और बच्चों से संबंधित पूछे जाने योग्य प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1: कौन सी भारतीय प्रमुख एयरलाइंस बच्चों के किराए में छूट प्रदान करती हैं ?
उत्तर 1: एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट प्रमुख कंपनियां बच्चों के किराए में छूट प्रदान करती हैं।
प्रश्न 2: एयर इंडिया एयरलाइंस में शिशुओं संबंधित नीतियो के तहत कितनी रियायत प्रदान की जाती है ?
उत्तर 2: एयर इंडिया एयरलाइंस में शिशुओं संबंधी नीतियो के तहत लगभग 10 प्रतिशत और बिजनेस व फर्स्ट क्लास में 25 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाती है।
प्रश्न 3: कौन सा आयु वर्ग शिशु श्रेणी में माना जाता है ?
उत्तर 3: 0 से 2 वर्ष तक की आयु के छोटे बच्चे शिशु रूप में माने जाते हैं।
प्रश्न 4: चाइल्ड श्रेणी के तहत किन आयु वर्ग को माना जाता है ?
उत्तर 4: चाइल्ड श्रेणी में 2 से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे माने जाते हैं।
प्रश्न 5: क्या भारतीय एयरलाइंसेस में शिशु की उम्र के स्पष्टीकरण के लिए वैध प्रमाण पत्र देना जरूरी है ?
उत्तर 5: जी हां, विभिन्न भारतीय एयरलाइंसेस में शिशु की आयु बताने के उद्देश्य से वैध प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होता है। जिसके अन्तर्गत जन्म प्रमाण पत्र उपयुक्त रहता है।
प्रश्न 6: शिशु के आयु के लिए वैध प्रमाण पत्र न होने की दशा में शिशु को छूट प्राप्त होती है ?
उत्तर 6: जी नहीं, शिशु की आयु का वैध प्रमाण पत्र न होने की दशा में शिशु को यात्री की तरह माना जाता है और किसी तरह की कोई छूट प्राप्त नहीं होती है।
प्रश्न 7: क्या, भारतीय एयरलाइंसेस में शिशुओं के लिए अलग से सीट बुक होती है ?
उत्तर 7: जी नहीं, भारतीय एयरलाइंसेस में शिशुओं के लिए अलग से सीट नहीं मिलती, शिशु टिकट दर में छूट मिले या न मिले लेकिन उन्हें माता पिता या अभिभावक की गोद में बिठाया जाता है।
प्रश्न 8: कौन सी एयरलाइंस पूरे परिवार के लिए टिकट दरों में रियायत प्रदान करती है ?
उत्तर 8: स्पाइसजेट एयरलाइंस के अन्तर्गत पूरे परिवार यानी दो से या दो से अधिक लोगों के साथ यात्रा करने पर टिकट दर पर 25 प्रतिशत तक की छूट प्रदान करती है।
प्रश्न 9: कौन सी एयरलाइंस यात्री शिशु शुल्क दर में इकोनॉमी क्लास के तहत 10 प्रतिशत की छूट प्रदान करती है ?
उत्तर 9: एयर इंडिया व एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस इकोनॉमी क्लास में यात्रा कर रहे यात्रियों को शिशु के साथ यात्रा करने पर शिशु किराए में 10 प्रतिशत की छूट प्रदान करते हैं
प्रश्न 10: अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान इंडिगो एयरलाइंस में शिशु के साथ यात्रा करने पर कौन कौन से दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है ?
उत्तर 10: अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान इंडिगो एयरलाइंस में शिशु के साथ यात्रा करने पर शिशु का जन्म प्रमाण पत्र, अस्पताल से मां के डिस्चार्ज पेपर सारांश, शिशु का टीकाकरण प्रमाण पत्र और पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य रहता है।
प्रश्न 11: इंडिगो एयरलाइंस की एक में फ्लाइट में अधिकतम कितने शिशु यात्रा कर सकते हैं ?
उत्तर 11: इंडिगो एयरलाइंस की एयरबस ए320 में हर एक उड़ान में अधिकतम 12 शिशु और एटीआर में प्रति उड़ान अधिकतम 6 शिशु ही यात्रा कर सकते हैं।
प्रश्न 12: शिशु के साथ यात्रा करने में अतिरिक्त चेक इन बैगेज ले जाने की अनुमति मिलती है ?
उत्तर 12: जी हां, कुछ एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया यह सुविधा प्रदान करती है।
प्रश्न 13: क्या 2 से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए हवाई टिकट में छूट मिलती है ?
उत्तर 13: 2 से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए सीधे कोई भी छूट नहीं मिलती है लेकिन प्रमोशनल व विशेष अवसरों पर मिलने वाले डिस्काउंट्स फेयर इन पर भी लागू होते हैं।
प्रश्न 14: इंडिगो के छूट ऑफर का लाभ लेने के लिए टिकट वगैरह किसके माध्यम से बुक करना चाहिए ?
उत्तर 14: इंडिगों के छूट ऑफर का लाभ लेने के लिए इंडिगो की वेबसाइट या ऐप से ही टिकट वगैरह बुक करना चाहिए।
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