- Jan 07, 2026
दिल्ली, ऐतिहासिक और आधुनिकता का अनोखा संगम लिए पर्यटकों को हमेशा ही आकर्षित करता रहा है। भारत की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध दिल्ली शहर बेमिसाल गंतव्य है जहां आपको ऐतिहासिक गलियों की रौनक और यादगार स्मारकों से लेकर आधुनिक व जीवंत मॉल, बाज़ार, वीकेंड के आनंद को कई गुना बढा सकते हैं। अगर आप भी व्यस्त दिल्ली के अलावा दिल्ली के ऐसे परिप्रेक्ष्य से रूबरू होना चाहते हैं जो आपको पर्यटन की खूबसूरती से परिचित कराता है। तो आइए, यहां हम आपको दिल्ली के ऐसे ही स्थानों की सैर पर लेकर चलते हैं जहां आप प्राकृतिक, ऐतिहासिक, बाज़ार और सांस्कृतिक जगहों को वीकेंड या 2 से 3 दिनों की छुट्टियों में बेहतर ढंग से एक्सप्लोर कर सकते हैं।
दिल्ली 2 से 3 दिन में कई जगहों का अन्वेषण कर सकते हैं, वैसे तो आप यहां आसानी से अच्छा खासा समय बिता सकते हैं लेकिन जब आपके पास समय की इतनी उपलब्धता नहीं हैं तो दिल्ली में किन जगहों को च्वाइस अनुसार घूम सकते हैं, यहां कैटेगरी वाइज दिल्ली की इन जगहों को घूम सकते हैं।
दिल्ली में घूमने योग्य आध्यात्मिक स्थल
1. अक्षरधाम मंदिर
नई दिल्ली में बना अक्षरधाम मंदिर उच्च कोटि की श्रेष्ठ वास्तुकला का उत्तम उदाहरण है जिसमें लगभग 100 एकड़ में फैला हुआ है जिसके बारें में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के सबसे बडे परिसरों के रूप में लिखा हुआ है। यमुना नदी के किनारें पर स्थित यह मंदिर धर्म जाति और रूढिवादी मान्यताओं के परे हैं जहां परमात्मा की साक्षात् उपस्थिति का आभास होता है। भगवान स्वामीनारायण की 11 फीट की स्वर्ण प्रतिमा हर किसी को दिव्यता और आध्यात्मिकता की छांव प्रदान करती है। मंदिर परिसर के चारों ओर नारायण सरोवर की स्थापना इसकी शोभा में चार चांद लगाता है, जिसमें भारत के पवित्र 151 तालाबों के जल को मिलाया गया है।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन, ब्लू लाइन, यहां से मंदिर की दूरी लगभग 300 मीटर है।
पताः प्रमुख स्वामी महाराज मार्ग, पांडव नगर, एनएच 24, नई दिल्ली, दिल्ली
निर्माण सन् : साल 2005 में बन कर तैयार हुआ
किसने कराया : बीएपीएस यानी बोचासनवासी अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था द्वारा बनवाया गया और 6 नवंबर 2005 को तत्कालीन राष्ट्रपति अबुल कलाम और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के बीच उद्घाटन संपन्न हुआ।
समर्पित देवता : भगवान स्वामीनारायण को समर्पित है जो 1781 से लेकर 1830 भूलोक पर रहे और ये हिंदू धर्म के अनुसार महान संत अवतारी और देव श्रेणी के उच्च कोटि व्यक्तित्व के धनी थे।
प्रमुख आकर्षण : सूर्यास्त के समय होने वाले लाइट एंड साउंड शो बहुत आकर्षक रहता है जहां दर्शकों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिलती है। मंदिर में सांस्कृतिक नाव की सवारी का आनंद भी ले सकते हैं जिसे संस्कृति दर्शन नाम से जाना जाता है।
प्रवेश शुल्क : निःशुल्क
समय : सुबह 9ः30 से शाम 6ः30 बजे। मंगलवार से रविवार, सोमवार बंदी,
2. छतरपुर मंदिर
शानदार दक्षिणी भारतीय वास्तुकला शैली को दर्शाता छतरपुर मंदिर दिल्ली का सर्वोच्च आकर्षण है जहां दिव्यता और शांति की छवि हर किसी को आकर्षित करती है। दक्षिण दिल्ली में कुतुबमीनार के पास स्थित यह मंदिर करीब 70 एकड़ जगह में फैला हुआ है। जटिल नक्काशीदार जाली डिजाइन और सफेद संगमरमर की बनावट साउथ दिल्ली के शानदार आध्यात्मिक स्थलों में से इसे अद्वितीय बनाते हैं।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : छतरपुर मेट्रो स्टेशन, येलो लाइन
पताः छतरपुर सड़क, अंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर, महरौली क्षेत्र, नई दिल्ली
निर्माण सन् : 1974 में बनवाया गया।
किसने कराया : संत नागपाल बाबा द्वारा बनवाया गया जो देवी शक्ति के परम भक्त थे। जिनकी समाधि मंदिर परिसर में ही स्थापित है।
समर्पित देवता : श्री आद्या देवी कात्यायनी मां और मां कालरात्रि, इनका मंदिर नवरात्रि के दौरान ही वर्ष में दो बार खुलता है।
प्रमुख आकर्षण : मंदिर की वेसर शैली और सफेद संगमरमर से बनी इसकी खूबसूरती बेहद आकर्षित करती है। मंदिर वृहर परिसर में फैला हुआ भक्तों को बेहद आकर्षित करता है जहां भगवान शिव, गणपति, श्री राधा कृष्ण के साथ कई अन्य मंदिर भी हैं। इसके अलावा भगवान हनुमान की 101 फीट लंबी प्रतिमा आकर्षित करता है।
प्रवेश शुल्क : कुछ नहीं
समय : सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे व शाम 4 बजे से रात 10 बजे
3. लोटस टेम्पल
कालकाजी मंदिर क्षेत्र के पास स्थापित लोटस मंदिर बहाई धर्म के प्रति शानदार संरचना है जहां इसकी श्वेत वास्तुकला और 27 पंखुड़ियां व एक वृहद सभागार पर्यटकों को ध्यान और प्रार्थना के लिए उपयुक्त स्थान प्रदान करता है।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : कालका जी मंदिर मेट्रो स्टेशन
निर्माण सन् : 1986 में बनवाया गया।
किसने कराया : बहाई धर्म के अनुयायियों द्वारा इस मंदिर को बनवाया गया जिसका प्राथमिक उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति आदर सम्मान और समरसता की भावना को बढाना है।
प्रमुख आकर्षण : मंदिर के शानदार और जलीय कुंडो का दीदार करें जो दिन और शाम के समय कमल आकार सी पखुंडियों की शोभा से सजे हुए हैं।
प्रवेश शुल्क : निःशुल्क
समय : सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे (ग्रीष्म ऋतु)
सुबह 9 बजे से शाम 5ः30 बजे (शरद ऋतु)
4. इस्कॉन मंदिर
श्री राधा पार्थसारथी मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और बेहद भक्तिमय वातावरण का दर्शन कराता है। भक्ति, जीवन, संस्कृति, प्रेम और श्री कृष्ण की लीलाओं के प्रशंसक इस्कॉन की आनंदमय अनुभूति प्रत्येक भक्त को आकर्षित करती है। यहां ग्लोरी ऑफ इंडिया वैदिक कल्चरल सेंटर नाम से उद्यम है जहां हिंदू धार्मिक ग्रंथों जैसे महाभारत, रामायण, श्री मद्भागवत और चैतन्य चरितामृतम अन्य की यहां पूर्ण व्याख्या और सजीव मॉडलों के साथ चित्रण किया जाता है। यह मंदिर से अधिक विश्वस्तरीय प्रसिद्ध गंतव्य है।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : कालकाजी मंदिर या नेहरू प्लेस वायलेट लाइन
निर्माण सन् : इसका उद्घाटन 5 अप्रैल सन् 1988 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने किया था।
किसने कराया : श्रील प्रभुपाद द्वारा दिल्ली में हरे कृष्ण आंदोलन काह प्रचार प्रसार करते हुए इस मंदिर की स्थापना की गई।
पताः कैलाश पूर्व क्षेत्र, हरे कृष्ण हिल्स, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली
समर्पित देवताः श्री राधा कृष्ण भगवान युगल जोड़ी को समर्पित है।
प्रमुख आकर्षण : यहां वैदिक ग्रंथों और मुद्रणों के प्रति विद्यालयी व महाविद्यालयी स्तर के विद्यार्थियों के लिए बहुत कुछ विशेष है। श्री मद्भागवत गीता का विशाल ग्रंथ जिसका वजन लगभग 800 किग्रा से अधिक है। पुस्तकालय, उपहार दुकानें और भक्ति संगीतमय वीडियो देख सकते हैं।
प्रवेश शुल्क : कुछ नहीं
समय : सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक
दिल्ली में घूमने योग्य ऐतिहासिक स्थल
1. लाल किला
लाल किले और ताजमहल के वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहोरी है जिन्होंने मुगल वास्तुकला का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है जहां फारसी और भारतीय वास्तुकला शैलियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलता है। लाल बलुआ पत्थर से बना यह विशाल किला दिल्ली की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की नींव हैं जहां इसकी मौजूदगी आज भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : लाल किला मेट्रो स्टेशन
निर्माण सन् : 12 मई 1639
किसने कराया : मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा बनवाया गया।
प्रमुख आकर्षण : राष्ट्रीय महत्व का स्मारक है जहां हर साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इस किले की छवि भारतीय 500 रूपये नोट के पीछे भी मुद्रित है।
प्रवेश शुल्क : लगभग 30 रूपये व विदेशियो के लिए लगभग 550 रूपये निर्धारित है।
समय : सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे, मंगलवार से रविवार, सोमवार बंदी।
2. इंडिया गेट
विशाल और भव्य इंडिया गेट हर दिन हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है जहां यह राजपथ के अंत में बना हुआ प्रसिद्ध पिकनिक प्वाइंट है। यहां बने विशाल लॉन की शोभा और हरियाली विभिन्न रंगीन फूलों की मोहकता इसे परफेक्ट पर्यटन डेस्टिनेशन बनाते हैं। इंडिया गेट पर उन सैनिकों के नाम अंकित है जिन्होने देश की रक्षा मे प्राणों को समर्पित कर दिया। हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय राष्ट्रपति वीर सैनिकों की याद मे यहां दर्शन करने आते हैं।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : राजीव चौक मेट्रो स्टेशन ब्लू लाइन
निर्माण सन् : 12 फरवरी सन् 1931 में उद्घाटन किया गया।
प्रमुख वास्तुकारः एडविन लुटियंस
प्रमुख आकर्षण : किंग्सवे नाम से प्रसिद्ध यह विशाल दरवाजा लगभग 42 मीटर लंबा है। इंडिया गेट भारतीय सैनिकों और उनकी वीरता को समर्पित करता हुआ शानदार प्रतीक है। प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों की याद में इस गेट का निर्माण कराया गया जिसे युद्ध स्मारक नाम से भी जाना जाता है।
प्रवेश शुल्क : निःशुल्क
समय : 24 घंटे खुला रहता है।
3. राष्ट्रपति भवन
रायसीना हिल्स पर बना राष्ट्रपति भवन बेहद शानदार स्थल है जहां घूमने के लिए पहले से ही बुकिंग अनिवार्य होती है। आलीशान और शानदार महल की तरह दिखाई देता राष्ट्रपति भवन बेहद खूबसूरत और मनमोहक संरचना है। यहां मौजूद अमृत गार्डन में विभिन्न तरह के फूलों को देख सकते हैं।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन, पीली और बैंगनी लाइन
निर्माण : लगभग 110 साल पहले बनकर तैयार हुआ है।
प्रमुख वास्तुकार : एडविन लुटियंस
प्रमुख आकर्षण : राष्ट्रपति संग्रहालय, जयपुर स्तंभ, अमृत उद्यान और कर्तव्य पथ को निहार सकते हैं।
प्रवेश शुल्क : लगभग 150 रूपये प्रति व्यक्ति
समय : सुबह 10 से शाम 5 बजे तक
दिल्ली में घूमने योग्य शॉपिंग व मार्केट्स
1. चांदनी चौक
दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय बाजारों में से एक यह बाजार आज भी व्यापार वाणिज्य संस्कृति और दिल्ली की रूमानियत से रूबरू करवाता है। शिल्प कौशल का केंद्र यह बाजार कई प्रमुख चीजों का गढ है, जहां आप दिल्ली की खूबियो से बेहद आसानी से परिचित हो सकते हैं।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन, पीली लाइन
निर्माण शासनकालः 17वीं सदी में शाहजहां द्वारा बनवाया गया था।
खासियतः मीना बाजार, चावड़ी बाजार और स्ट्रीट फूड की रौनक आकर्षित करती है।
मुख्य खरीदारीः आप यहां से आभूषण, परिधान और शादी से जुड़ी सारी खरीदारी कर सकते हैं। जहां इलेक्ट्रानिक्स से लेकर खारी बावली में मेवा वगैरह की भी थोक बाजार है। पीतल और तांबे के बर्तन भी खरीद सकते हैं।
2. कनॉट प्लेस
दिल्ली का शानदार और व्यवस्थित बाजार कनॉट प्लेस दिल्ली की शान है जहां इसकी जॉर्जियाई वास्तुकला आकर्षण पर्यटको को बेहद आकर्षित करती है। ब्रिटिशकालीन समय से इसके आकर्षण और मॉर्डन लाइफस्टाइल की झलक यहां कई सारे बाजारों का समावेश प्रस्तुत करती है।
नजदीकी मेट्रो स्टेशनः राजीव चौक ब्लू लाइन
निर्माण शासनकाल : ब्रिटिशकाल में बनवाया गया।
खासियतः प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में जाना जाता है जहां केंद्रीय पार्क और इसकी घोड़े के आकार की बनावटीय हब आकर्षित करता है।
मुख्य खरीदारीः पालिका बाजार में लग्जरी ब्रांड्स परिधान, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य जरूरत की चीजें भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा यहां कैफे बार रेस्टोरेंट मे मनपसंद स्वाद का आनंद ले।
3. दिल्ली हाट
लगभग 6 एकड़ परिसर में बना यह बाजार साउथ दिल्ली के व्यावासायिक केंद्रो में गिना जाता है जहां पूरे देश के स्थानीय कलाकार अपनी कला के प्रदर्शन और वाणिज्य के उद्देश्य से यहां आते हैं। प्रदर्शनी हॉल में धातु शिल्प और हथकरधा उद्योग को बढावा प्रदान करता यह बाजार पर्यटको को खासतौर पर आकर्षित करता है।
नजदीकी मेट्रो स्टेशन : दिल्ली हाट आई एन ए
खासियतः पारंपरिक परिप्रेक्ष्य और लोकल अनुभव को मान सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से इस सशुल्क बाजार की नींव रखी गई। जहां आप मनपसंद भोजन के स्वाद चखने से लेकर अन्य खरीदारी भी कर सकते हैं।
मुख्य खरीदारी : हस्तशिल्प बाजार है जहां आप पांरपरिक और देशी झलक के साथ कई सारे उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं। जिसमें गुलाब की लकड़ी, नक्काशी, अलंकृत आभूषण, मोती, पीतल के बर्तन, रेशमी और ऊनी कपड़ों अन्य वस्तुआेंं को ले सकते हैं।
दिल्ली में घूमने योग्य पार्क
1. सुंदर नर्सरी
इसे बाग ए अजीम भी कहा जाता है जो 90 एकड़ क्षेत्रफल में बना विशाल पार्क है। यहां पद्रंह विरासत स्मारकों की छवि देखने को मिलती है जिसमें से कई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित की गई हैं। यहां विभिन्न प्रजातियो के फूल, पौधों और लगभग 300 से अधिक प्रजातियो के पेड़ों का दीदार करें।
निकटतम मेट्रो स्टेशनः जवाहर लाल नेहरू मेट्रो स्टेशन
निर्माण शताब्दीः 16वीं शताब्दी में बनी।
प्रमुख आकर्षण : यूनेस्को वैश्विक धरोहर स्थल हुमांयू के मकबरे के पास ही स्थित है जहां आप कई सारी ऐतिहासिक विरासतों का दीदार कर सकते हैं। विभिन्न समयों पर यहां होने वाले पर्यावरण कार्यक्रम का आनंद लें।
प्रवेश शुल्क : 50 रूपये प्रति व्यक्ति भारतीय और 200 रूपये प्रति व्यक्ति विदेशियो ंके लिए निर्धारित है।
समय : सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक।
2. लोधी गार्डन
लोधी शासको द्वारा इस जगह को अपने मकबरे के रूप मे चुना गया था। सन् 1936 में ब्रिटिश शासन में लेडी विलिंगडन ने इन स्मारकों की पृष्ठभूमि को सुंदरता प्रदान करने के उद्देश्य से इसका जीर्णोद्धार कराया जिससे इसे लेडी विलिंगडन पार्क से भी जाना जाता है। हरी भरी हरियाली के बीच बने रहस्यमयी बुर्ज की शोभा लोदी और इससे पहले के वंशों की ऐतिहासिक झलक प्रदान करता है।
निकटतम मेट्रो स्टेशनः जोर बाग येलो लाइन
निर्माणः लगभग 15वीं शताब्दी में हुआ।
प्रमुख आकर्षण : यहां आप शीशा गुबंद, सिकंदर लोधी, बारा गुबंद और मोहम्मद शाह के मकबरों की आकर्षक और जीवंत वास्तुकला का दीदार कर सकते हैं।
प्रवेश शुल्क : निःशुल्क
समय : सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक
दिल्ली में पर्यटन के लिए जरूरी सुझाव
- दिल्ली में पर्यटन की योजना बना रहे हैं तो भीड़भाड़ और अत्यधिक गैदरिंग से बचना चाहिए और ऐसे में अपने निजी सामान की सुरक्षा ध्यान से करें।
- सुविधानुसार मौसम का चयन कर ही घूमने की योजना बनाएं क्योंकि यहां सर्दियों के मौसम मे ंदिसंबर जनवरी में अत्यधिक सर्दी और गर्मियों में अप्रैल से जून में तेज गर्मी और लू चलती है। मौसम अनुसार अपनी पैकिंग को वरीयता दें।
- घूमते समय पानी की बोतल साथ रखें जिससे सर्दी या गर्मियों मे डिहाइड्रेशन की समस्या का सामना न करना पड़ें।
- मेट्रो पकड़ते समय नियम और सावधानियों का पालन करें, साथ ही धैर्य रखें।
दिल्ली कैसे पहुंचे
दिल्ली भारत का प्रमुख शहर है जिसकी पूरे देश से बेहतर कनेक्टिविटी है। यहा पहुंचने के लिए हवाई, रेल और सड़क तीनों तरह की सुविधाएं उपलब्ध है।
हवाई मार्ग से
- नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डा है जहां से आप हवाई उड़ानों के माध्यम से दिल्ली की सैर के लिए पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग से
- दिल्ली में कई सारे रेलवे स्टेशन हैं जहां नई दिल्ली, आनंद विहार, हजरत निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली सराय रोहिल्ला प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं। जहां विभिन्न रेलवे ज़ोन की रेलगाड़ियों के आवागमन देखने को मिलता है।
सड़क मार्ग से
- भारत की राजधानी दिल्ली देशभर से राजमार्गों के माध्यम से बेहतर तरीके से जुड़ा हुआ शहर है जहां आप आसानी से बस टैक्सी या स्वयं की कार से ड्राइव कर पहुंच सकते हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली, भारत का दिल कहें तो इसमें कोई दोराय नहीं होगी। यहां की ऐतिहासिक स्मारकें, आध्यात्मिक स्थल, प्रमुख बाजार और प्राकृतिक उद्यानों की मौजूदगी, सब मिलकर दिल्ली को घूमने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान बनाते है। इनकी यातायात सुविधा, वास्तुकला विशेषता, संस्कृति और मान्यताएं पर्यटन की हॉबी को नए आयाम प्रदान करती है। दिल्ली में हर किसी की मर्जी अनुसार घूमने के लिए बहुत कुछ है जहां पुरानी यादों के साथ भागती दौड़ती जिंदगी की झलक कदम से कदम मिलाने का संदेश प्रदान करती हुई प्रगति की राह दिखाती है। दिल्ली अपने आप में ही संपूर्ण तरह की यात्रा पैकेज प्रदान करती विशेष जगह है, जहां सिर्फ 2 से 3 दिन में भी पर्यटन के कई सारे अवसर प्राप्त होते हैं।
हमसे संपर्क करें







