• Dec 10, 2025

दिसम्बर में नैनीताल पर्यटन के लिए शीतकालीन स्वर्ग जैसा सुंदर बन जाता है। कुदरत का अनमोल तोहफा प्रदान करता यह पर्यटन स्थल अपनी खूबसूरती और विशेषताओं के लिए पर्यटकों के दिलों में विशेष स्थान रखता है। सर्दियों में यहा का तापमान लगभग 1 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच जाता है, जहां ओस की नमी, कोहरे की श्वेत चादर सा आकर्षण, नैनी झील पर पड़ती सूर्य की हल्की किरण और सर्द एहसास पर्यटन यात्रियों को शांत, अनोखा और नर्म अनुभव को स्पर्श करने का अवसर प्रदान करता है। 

प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेना हो या साहसिक गतिविधियों का रोमांचक अनुभव प्राप्त करना हो तब दिसम्बर का महीना नैनीताल एक्सप्लोर करने का बेस्ट टाइम है। आइए, जानते हैं दिसम्बर में नैनीताल घूमने की 10 प्रसिद्ध जगहों के बारें में। 

दिसम्बर में नैनीताल क्यों जाएं?

शीतकालीन आश्चर्यजनक वातावरण 

दिसम्बर के महीने में नैनीताल बेहद खास हो जाता है यहां की खूबसूरती, आकर्षण और शानदार व्यू देखते बनता है। बर्फबारी की राजसी झलक और नैनी झील मे जमी बर्फ की श्वेत चमक, पहाड़ियों पर गिरते हिम कणों की रौनक और ब्रिटिशकाल से जुड़ी इमारतों पर जमती बर्फ की परतें, पूरे नैनीताल को शीतकालीन वंडरलैण्ड में बदल देती है। 

हिम प्रेमियों और फोटोग्राफी के लिए बेहतर 

बर्फ की इतनी सारी विविधता देखने के साथ ही यह महीना नैनीताल को स्नो वातावरण में बदल देती है जहां आप बर्फ से जुड़े कई तरह की खेल गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। कुहासे से ढकी सुबहें, शीत हिम से ढके पेड़ पौधे दिसम्बर की छुट्टियों को और ज्यादा यादगार बनाते हैं। 

भीड़भाड़ कमः एकांत और रोमांटिक वातावरण

अक्सर गर्मियों से राहत पाने के लिए लोग नैनीताल की सैर करने ज्यादातर पहुंचते है लेकिन दिसम्बर के महीने मे पर्यटकों की संख्या कम ही देखने को मिलती है। शांति और सुकून का एहसास कराते यह परिदृश्य अपने चाहने वालो को उनकी इच्छा के मुताबिक मौसम और उसकी खूबसूरती पेश करता हुआ एकांत, परिवार या दोस्तों संग एन्जॉए करने का अद्भुत मौसम प्रदान करता है। कैफे, झीलें और भ्रमणशील जगहों पर समय बिताते हुए एकांतिक अनुभव, ग्रहणशील विश्राम और रोमांटिक माहौल को एन्जॉए कर सकते हैं। 

उत्सवी आकर्षण 

दिसम्बर के महीने मे क्रिसमस और फेस्टिवल वाइब्स फुल ऑन मोड पर रहती हैं। जब क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारी में प्रार्थना सभाओं के मधुर स्वर और आतिशबाजी और धूम धड़ाके की मस्ती औपनिवेशिक मॉल रोड की जगमगाहट को और भी ज्यादा रंगीन रंगो से सजा देता है। यहां के मुख्य इलाकों और होटल्स में नए साल की विशेष तैयारी की जाती है।

दिसम्बर में नैनीताल में करने योग्य शीर्ष आकर्षक गतिविधियां 

नैनी झीलः दिसम्बर के समय इसमें धुंध भरी बर्फीली पहाड़ियों के शानदार परिदृश्य और झील के जगमगाते जल में नौका विहार का शीर्ष अनुभव कर सकते हैं। 

टिफिन टॉपः बर्फीले जंगलों की हरियाली से भरे रास्तों की ट्रेकिंग और यहां फेमस टट्टू की सवारी करना रोमांचक एहसास प्रदान करता है। 

स्नो व्यू पॉइंटः हिम से ढके पहाड़ो के शानदार दृश्य, श्वेत चोटियां जिसमें केबल कार एडवेंचर का बेहतर प्रयास कर सकते हैं। 

इको गुफा उद्यानः ऐतिहासिक प्राकृतिक गुफाओं का साहसिक सफर और सर्द हवाओं के मध्य मनोरंजन गतिविधियों का अनुभव कर सकते हैं। 

नैना देवी मंदिरः प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही आध्यात्मिक ऊर्जा का जीवंत अनुभव और शांतिपूर्ण तरह से सर्द हवाओं में ईश्वर की अनुभूति को महसूस करना। 

मॉल रोडः नैनीताल में खरीदारी का यादगार अनुभवों के साथ उत्सव, त्यौहारों की रोशनी और गरमागरम लजीज व्यंजनों का पारंपरिक स्वाद चख सकते हैं। 

नैनीताल चिड़ियाघरः अगर आप अत्यधिक ऊंचाई पर वन्य जीवों के आकर्षण देखना चाहते हैं तो नैनीताल के इस चिड़ियाघर को एक्सप्लोर कर सकते हैं। दिसम्बर के महीने में वन्यजीवों की खूबसूरती और ठंड का अनोखा एहसास यादगार आनंद प्रदान करता है। 

झीलों के आकर्षणः नैनीताल में झीलों के आकर्षण और शोभा अन्य महीनों की अपेक्षा दिसम्बर के महीने में एकांतिक और पीक सीजन की झंझटों से दूर रखते हुए प्रिय और यादगार अनुभवों को संजोए रखने में उपयोगी है। 

दिसम्बर में नैनीताल का मौसम व जलवायु

दिसम्बर में नैनीताल का मौसम और तापमान इस प्रकार हो जाता है। 

तापमानः लगभग 5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 17 डिग्री सेल्सियस तक रहती है। इस समय दिन सर्द और गुनगुनी धूप से सजे हुए और रातो को मौसम अधिक ठंड लिए होता है। कभी कभार रात के समय तापमान 1 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। 

बर्फबारीः संभावना पर निर्भर करता है। विशेषतया दिसम्बर के आखिर तक करिश्माई रूप से शीतकालीन अदांज से सराबोर हो जाता है। 

बारिशः बहुत कम, लगभग 16 से 20 मिमी तक औसत बारिश और ज्यादातर दिन के समय होने वाली हल्की धूप सुखद है। 

सूर्य की रोशनीः दिन के समय लगभग 10 घंटो के समय अंतराल पर हल्की शानदार स्वर्ण सी धूप के आकर्षण को निहारते हुए हल्की सेंक का आनंद ले सकते हैं। 

पैकिंग टिप्स

  • ऊनी भारी गर्म कपड़े और उष्मारोधी जैकेट 
  • बर्फीले रास्तो पर ट्रेकिंग के लिए स्पश्ेल अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग शूज 
  • एयर और वाटर रोधी कपडों के साथ दस्ताने, ऊनी स्कार्फ, टोपी और मोजे
  • बर्फ की चमक का असर कम करने के लिए सन ग्लासेज वियर करें। 
  • ऊंचाईयों पर जाते समय श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है इसलिए आवश्यक दवाईयो ंको साथ में रखें। 

नैनीताल के 10 प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

1. नैनी झील

नैनीताल के शानदार मुख्य आकर्षणों मे सबसे पहले इसी झील का नाम आता है, इसकी प्राकृतिक लयबद्धता और शांतिपूर्ण माहौल पर्यटकों को बहुत मार्मिक स्पर्श प्रदान करती है। हिमालय की सबसे ऊंची झीलों में से एक अपनी मौजूदगी और प्राकृतिक स्थितियों के कारण बेहद प्रमुख हैं। लगभग 2 किमी लंबाई लिए यह झील अपनी पौराणिकता और किंवदंतियों के कारण भी ज्यादा जानी जाती है। कहते हैं कि इस झील का निर्माण देवी सती के आंसुओं से हुआ था, जो इसे अत्यंत रहस्यमयी और विशेष बनाते हैं। शांत और मानसिक राहत प्रदान करता अनोखा वातावरण जिसमें पानी के नीचे की गुफाओं और मंदिरों की लोककथाएं और आध्यात्मिक आभा, झील के आकर्षणों को अत्यंत रोचकता प्रदान करता है। सूर्योदय या सूर्यास्त का नजारा हो या रहस्यमयी प्राकृतिक खोज की अनुभूति को साकार करता लुभावना परिदृश्य इसकी दृश्यता और अलौकिकता को कई गुना बढा देती है। नैनी झील की भव्यता और चमकते पानी की तरंगों के बीच पहाड़ी क्षेत्रों के हरे भरे परिवेश और लाजवाब वातावरण की शोभा सैलानियों को दिसम्बर में भी नैनी झील के आकर्षण से रूबरू कराती हुई आकर्षित करती है। 

प्रमुख आकर्षणः झील के किनारे मोड़दार पंगडंडियों पर चलें जहां आप नौकायन के साथ ही कायाकिंग जैसे रोमांचक खेलों का आनंद ले सकते हैं। ऐतिहासिक वातावरण और प्रकृति के सामंजस्य को महसूस करें। झील के पास छिपे हुए आकर्षणों को अन्वेषण करें। झील के उत्तरी छोर को मल्लीताल और दक्षिणी छोर को तल्लीताल कहते हैं। झील के दोनों और बाजारें हैं जहां आप यादगार तौर पर खरीदारी कर सकते हैं। 

2. नैना पीक

नैनीताल का सबसे ऊंचा स्थान जहां आकर्षक परिदृश्य, खास अनुभव और समुद्र तल से करीब 2615 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अपने पर्यटको को आकर्षित करता है। इस स्थान को चाइना पीक या चीना पीक भी कहते हैं जहां से नैनीताल का शानदार नजारा और भी ज्यादा खूबसूरत प्रदर्शित होता है। नैना चोटी साहसिक गतिविधि और प्रकृति प्रेमियो के लिए बेहतर टूरिस्ट प्लेस है। सड़क मोटर योग्य है जहां 6 किमी की चढाई देखने को मिलती है। रास्ते मे आपको सरू, ओक, देवदार क जंगलों की हरियाली से भरी एक विहंगम घाटी के नजारें देखने को मिलते हैं। इस पर्वत चोटी पर रोडोडेंड्रोन के शानदार और भव्य गुलाबी, लाल रंग की उपस्थिति कुमाऊं क्षेत्र के वृहद विस्तार और इस जगह के भव्य नजारे देखने का सबसे ऊंचा स्थान है। यह चोटी शहर से करीब 9 किमी दूरी पर है जहां ट्रेकर्स के लिए कई सारे एडवेंचर्स की सौगात है। घने जंगल के बीच से होते हुए चढाई और खड़ी चढाई के खूबसूरत रास्ते और ताजी हवा के झोंको के साथ यहां से एक तरफ हिमालय पर्वतमाला और नैनीताल के नजारों को बेहद हरियाली के साथ निहार सकते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः मोटर योग्य सड़क, सघन वन, हिमालय पर्वतमाला के मनमोहक नजारों के साथ जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के रास्ते भी हैं जहां से आप इस पार्क की सैर पर भी जा सकते हैं। प्राकृतिक रूप से बनी गुफाओं का अन्वेषण करने के साथ ही मॉल रोड में खरीदारी करें। कुमाऊं वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को निहारें। नैना चोटी से तिब्बती सीमा के पहाड़ों और नंदा देवी चोटी का दृश्य भी दिखाई देता है। 

3. नैना देवी मंदिरः

शानदार नैनी झील के किनारें नैना देवी मंदिर स्थित है जो हिंदू तीर्थस्थल और भारतीय 51 शक्तिपीठों मे से एक हैं। झील के किनारे यह मंदिर प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस भी है। नैना देवी मंदिर की स्थापना देवी सती के नेत्र गिरने से हुई है। भगवान विष्णु ने जब देवी सती के मृत शरीर को विभाजित किया तब उनके दो नेत्रों में से एक नेत्र यहां और एक नेत्र हिमाचल प्रदेश में गिरा, इस वजह से इन दोनों स्थानो ंपर दिव्य शक्तिपीठो की स्थापना हो गई। नैना देवी मंदिर के कारण ही पास में पाई गई झील, नैनी और चोटी, नैना पीक के नाम से मशहूर हो गई। साथ ही नैनीताल का नाम भी मां नैना देवी की वजह से पड़ा है। देश के प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में से एक यह स्थान दुनिया भर से अपने भक्तों को दिव्य अनुभूति देने के साथ ही प्राकृतिक खूबसूरती का भी अनुभव कराता है। इस मंदिर को हिमालय की शिवालिक पर्वत श्रेणी और माउंट नंदा देवी जिन्हें मां नैना देवी की बहन माना जाता है। 

प्रमुख आकर्षणः इस मंदिर परिसर में विशाल पीपल का पेड़ है जो मंदिर की सुरक्षा करते हुए भक्तों को आश्रय प्रदान करता है। मंदिर मे अंदर की तरफ जाते समय हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है जहां भक्त उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर के गर्भग्रह में मां की नैनों की आकृति में दो नयन प्रतिष्ठित है जो मां नैना देवी का प्रतीक स्वरूप है। बाईं ओर मां काली और दाईं ओर भगवान गणेश प्रतिष्ठित हैं। मां भगवती के वाहन सिंह की यहा दो मूर्तियां स्थापित है। 

4. स्नो व्यू पॉइंट 

बादलों से निकलती बर्फ की चोटियां को निहारना जहां सूर्य की जगमग करती किरणें के रंग और शीशे जैसी रंगत निखरती हुई आकर्षित करती है। नैनीताल से करीब 2 किमी दूरी पर स्थित यह जगह बर्फ से ढकी नंदा देवी चोटी, नंदा कोट चोटी और त्रिशूल चोटी का अद्भुत और मंत्रमुग्ध करने वाले नजारें प्रदान करता है। यह पॉइंट करीब 2,270 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हिमालय की बर्फीली घाटियों और पहाड़ों का प्रवेश मार्ग है। आप यहां रोपवे से पहुंच सकते हैं, जहां से आप आसपास की प्रकृति और सौंदर्य का सुदंरतम परिदृश्य रोमांचक अनुभूति प्रदान करता है। स्नो व्यू पॉइंट की खूबसूरती और बर्फीले मौसम दिसम्बर में यहां की मोहकता और भी ज्यादा बढ जाती है। जब आप दूरबीन से तस्वीर को जूम इन करके देखेंगे तो यहां आपको भगवान राम, देवी सीता, भगवान लक्ष्मण, भगवान हनुमान, भगवान शिव और देवी दुर्गा की विराजित मूर्तियों को देख सकते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः सर्दियो के मौसम में साफ स्वच्छ आसमान और चोटियों के मनोरम दृश्यों के नजारें बेहद सुंदर और अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं। इस समय यहां का तापमान 0 डिग्री से 15 डिग्री तक रहता है। स्नो व्यू पॉइंट के निकट तिब्बती मठ गधन कुनक्योप लिंग गोम्पा को घूम सकते हैं। पास में मनोरंजन पार्क भी बेहतर है। रोपवे का रोमांचक सफर कर सकते हैं। 

5. टिफिन टॉप 

नैनीताल शहर के शानदार रत्नों में एक यह स्थान डोरोथी सीट के नाम से भी जाना जाता है जो एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यहा से नैनीताल और कुमाऊं पहाड़ों का चौतरफा नजारा बेहद ही भव्य और शानदार प्रतीत होता है। समुद्री तल से करीब 2290 मीटर ऊपर स्थित यह स्थान फोटोग्राफी के लिहाज से परफेक्ट डेस्टिनेशन है। पारिवारिक पिकनिक और घूमने के लिए उपयुक्त इस स्थान को इसीलिए टिफिन टॉप कहा जाता है क्योंकि एक समय लोग यहां पिकनिक का मजा लेने के लिए अपने टिफिन और खाने पीने की चीजों को यहां ले जाते थे। टिफिन टॉप को डोरोथी सीट कहे जाने के पीछे एक कहानी है जो ब्रिटिश काल से संबंधित है। दरअसल श्रीमती डोरोथी केलेट, ब्रिटिश सेना अधिकारी कर्नल जेपी केलेट की पत्नी थीं। उन्हीं की याद मे कर्नल केलेट ने यहां एक बेंच लगवाई थीं, इनकी पत्नी की मृत्यु विमान दुर्घटना में हो गई थी। इस सीट को प्रेम, प्यार और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। 

प्रमुख आकर्षणः टिफिन टॉप तक पैदल ट्रेकिंग और हाइकिंग गतिविधि कर सकते हैं। नैनीताल से सिर्फ 4 किमी दूरी पर होने के कारण यह एक आसान ट्रेकिंग आकर्षण है जहां आप प्रकृति की अद्भुत खूबसूरती को एक्सप्लोर कर सकते हैं। टट्टू की सवारी बारा पत्थर नाम से शुरू कर घूम सकते हैं। रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों का आनंद भी ले सकते हैं। फोटोग्राफी सैशन भी एन्जॉए कर सकते हैं।

6. मुक्तेश्वर 

नैनीताल से करीब 50 किमी दूरी पर स्थित यह जगह तकरीबन 2171 मीटर की ऊंचाई पर कुमांऊ की पहाड़ियों पर बसा हुआ है। यहा मुक्तेश्वर शिव मंदिर है जिसकी स्थापना के बारे में कहते है कि इसे पांडवो द्वारा स्थापित किया गया था, इसे मुक्तेश्वर धाम भी कहा जाता है। शहर के सबसे ऊंचाई वाले स्थान पशु चिकित्सा संस्थान के परिसर में स्थापित है। स्थानीय रूप से यहां बेहद ऊंची चट्टाने है जिन्हें चौली की जाली कहा जाता है। मुक्तेश्वर के हवादार झरने और सनराइज बिन्दु पर्यटको को बहुत ज्यादा आकर्षित करते हैं। मुक्तेश्वर चोटी से हिमालय का नजारा देखते बनता है जहां प्रकृति की बेजोड़ और शानदार खूबसूरती फूलो के उद्यान और हरियाली के बीच चलती शीत लहरें पर्यटको को और ज्यादा रिझाती हैं। 

प्रमुख आकर्षणः साहसिक गतिविधियो का अनुभव ले सकते हैं जहां जिप लाइनिंग, ट्रेकिंग, हाइकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और रैपलिंग कर सकते हैं। यहां के फलों के बाग, चीड़ देवदार के वृक्ष और संकरी गलियो के आकर्षण मुक्तेश्वर को फेमस बनाते हैं। मुक्तेश्वर मे बहुत सारे मंदिर और पर्यटन स्थल है जो इसे परफेक्ट गंतव्य बनाते हैं। 

7. भीमताल लेकः

नैनीताल की सबसे बड़ी झील के रूप में प्रसिद्ध यह जगह कुमाऊं पहाड़ियों की शांत वादियो में बसी यह झील अपनी संपन्न पौराणिक भूमि, मंत्रमुग्ध करते परिदृश्य, प्रकृति की सुंदरता पर्यटको को शानदार आकर्षण प्रदान करता है। इस झील का नाम महाभारत के मुख्य पात्र पांडवों में भीम के नाम पर रखा गया। किंवदंतियों के अनुसार यहा अवस्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और ज्याद गहराई प्रदान करता है। इस झील की ऊंचाई करीब 1375 मीटर है जो 118 एकड़ क्षेत्रफल में फैली हुई है, जिसकी गहराई 18 मीटर है। इस झील के केंद्र में एक्वेरियम आकर्षित करता है, झील गुरूत्वाकर्षण चिनाई प्रकार की है। 

प्रमुख आकर्षणः इस झील के पास ही तितली संग्रहालय, हिडिम्बा पर्वत, वनखंडी आश्रम घूम सकते हैं। भीमताल में नौका विहार, प्राकृतिक सौंदर्य और द्वीप कैफे का आनंद ले सकते हैं। छोटी नाव की सवारी के साथ आप झील के बीचों बीच एक्वेरियमम द्वीप पर पहुंचकर कैफे और दुर्लभ मछलियों को देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां विभिन्न पक्षियों का अवलोकन कर सकते हैं। झील के आखिर में विक्टोरिया बांध निहारें, 2 किमी दूरी पर पौराणिक महत्व की शांतिपूर्ण झील नलदमयंती ताल को देंखे। 

8 कैंची धाम 

नैनीताल से तकरीबन 18 किमी दूरी पर स्थित कुमाऊं पहाड़ियों मे ंबसा कैंची धाम बाबा नीम करोली का पवित्र स्थान है। यह एक आश्रम और ंहिंदू धर्म का विस्तृत परिसर है, जिसकी स्थापना 1964 में हुई है। इस जगह का नाम कैंची होने के पीछे तथ्य है कि बाबा नीम करोली को यह जमीन स्थानीय निवासी पूर्णानंद द्वारा दान में दी गई थी जो पहाड़ी सड़क पर दो शार्प मोड़ों से लिया गया है जो साइट की ओर जाते है और कैंची जैसी आकृति बनती है इसलिए यह स्थल कैंची धाम नाम से मशहूर हो गया। इस प्रसिद्ध मंदिर में स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली जैसी लोकप्रिय हस्तियां हाजिरी लगा चुकी हैं जो बाबा नीम करोली के गुणगान भी गाते हैं। 15 जून को यहां स्थापना दिवस मनाया जाता है, जिसमें लाखों भक्त भाग लेने के लिए आते हैं। कैंची धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आध्यात्मिक जुड़ाव, गहन शांति और दिव्यता का स्थान है जो हिमालय की तलहटी में कोसी नदी के किनारें पर बसा ध्यान और चिंतन के लिए अनोखा और धार्मिक वातावरण प्रदान करता है। बाबा नीम करोली भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं। 

प्रमुख आकर्षणः यहां भगवान हनुमान को समर्पित पहला मंदिर है। कैंची धाम के आसपास नैनीताल झील, सातताल, नौकुचिया ताल, गोलू देवता घोड़ाखाल पर्यटन स्थल घूम सकते हैं। 

9 सरियातालः

नैनीताल के मुख्य केंद्र से तकरीबन 8 किमी दूरी पर स्थित यह स्थान हिमालय पर्वतीय श्रृंखला और सघन हरियाली का दामन ओढे हुए अद्भुत आनंद प्रस्तुत करती है। दिसम्बर के समय यहा तापमान न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस तक भी आ जाता है, जहां ओस की अधिकता से भीड़ भी कम देखने को मिलती है। सरियाताल में घने देवदार और ओक के जंगलों से घिरे शांत पानी में पैडलबोट चलाने का अनुभव लें। विभिन्न पक्षियो ंकी चहचहाहट और ठंडी पहाड़ी हवाओं का आनंद झील के चारो ओर मिलने वाली वनस्पतियों की छाया पर्यटको ंका मन मोह लेती है। हिमालयन बॉटनिकल गार्डन के ऑर्किडेरियम, हर्बेरियम, फर्नेरी और तितली पार्क का अन्वेषण करें और झील की शीतलता का अनुभव लें। 

प्रमुख आकर्षणः झील से सूर्योदय का नजारा देखने लायक है जहां प्रकृति प्रेमियों और जड़ी बूटियों से सुंदर वनस्पति उद्यान को निहारें। झील के बाहर से शानदार नजारा देखें। झील के साफ हरे पानी में वाटर जोर्बिंग का आनंद लें। विलुप्त और दुर्लभ होने की कगार पर पहुंच रहे वनस्पतियों की विभिन्न प्रजातियों का घर है। उद्यान के प्रमुख हिस्सों का दौरा करें जिसमे थुनिया अल्बा आर्किड, जियोडेसिक डोम और हर्बेरियम नार्मल सशुल्क पर देख सकते हैं। 

10. लैंड्स एंडः 

नैनीताल की ऐसी जगह जिसके आगे जमीन नही है, छोटे से हिल स्टेशन नैनीताल में अलौकिक दृश्य और इस शानदार ट्रेक के साथ लैंड्स एंड प्रकृति और रोमांच की चाह रखने वालों के लिए शानदार स्थान है। कुमाऊं पर्वतीय श्रृंखला और खुर्पा झील की मौजूदगी, इस वजह से इसे खुर्पाताल भी कहते है। समुद्री तल से लगभग 2118 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह नजारा हरी भरी हरियाली और पैदल चढाई का आनंद मिलता है। यहां आप घोड़े और टट्टू की सवारी का आनंद भी ले सकते हैं। प्रकृति और फोटोग्राफी का मनोरम आंनद लेने के लिए इस जगह का दौरा कर सकते हैं जो समुदी तल से करीब 2118 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 

प्रमुख आकर्षणः 90 डिग्री ऊंचाई पर होने के कारण यह जमीन के अंतिम छोर की तरह दिखता है। सीढीदार खेती देखें। हरियाली युक्त वातवरण में नीले पानी की खुरपा झील को देखें और फोटोग्राफी का आनदं ले। घोड़ो की सवारी का रोमांचक अनुभव लेते हुए यहां की सैर करें। 

दिसम्बर में नैनीताल की यात्रा करने हेतु सुझाव 

एडवांस बुकिंग करेंः यात्रा साधन और स्टे के लिए गर्म आवासों की बुकिंग पहले से ही कर लें जिससे सर्दियों में अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़ें 

सर्द दिनों में योजना में इनडोर एक्टिविटी शामिल करेंः सर्दियो के समय संग्रहालय भ्रमण, कैफे या मॉल वगैरह मे टहलने की योजना बनाकर चलें। 

नकदी साथ रखेः आमतौर पर पहाड़ी इलाकों या दूर दूराज के क्षेत्रों में इंटरनेट और सिग्नल की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, इसके अलावा एटीएम उपलब्धता भी सीमित रहती है, इसलिए अनावश्यक दिक्कत से बचने के लिए नकदी जरूर साथ रखें। 

दिसम्बर में नैनीताल कैसे पहुंचे 

हवाई मार्ग से 

हवाई रास्ते से नैनीताल पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर एयरपोर्ट है जो यहां से तकरीबन 70 किमी दूरी पर है। यहां से आप स्थानीय वाहनों की मदद से नैनीताल की सैर को पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

रेल मार्ग से नैनीताल पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है जहां से नैनीताल की दूरी लगभग 34 किमी है। काठगोदाम पहुंचकर बस या टैक्सी से नैनीताल पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

नैनीताल सड़क रास्ते से अच्छी तरह जुड़ा है जहां दिल्ली से नैनीताल की दूरी लगभग 320 किमी और इसे बस द्वारा पूरा करने में 8-9 घंटे लगते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 87 के जरिए नैनीताल पूरे देश से कनेक्टड है, जहां आप बस या स्वयं की कार से यहां पहुंच सकते हैं। 

निष्कर्ष

दिसम्बर माह में नैनीताल पर्यटन के सबसे शानदार महीनों में से एक है जहां स्वच्छ नीले आसमान की झलक, बर्फीली हवाओं के बीच उत्सवों के जश्न और रौनक की खूबसूरती और झीलों की श्वेत सुदंरता इस समय यहां के वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से करिश्माई बना देता है। सर्द दिनों के इस समय में नैनीताल की यादगार यात्रा को सहेजें और इस महीने ंमें नैनीताल की पावन धरती पर कुदरत के इन विहंगम दृश्यों को निहारने के साथ ही यहां की शांति, खूबसूरती और त्यौहारी उमंगों में डूब जाएं।

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