• Feb 02, 2026

रोमांस, प्यार और मस्ती से सराबोर वेलेंटाइन डे रोमांटिक जोड़ियों के लिए शानदार दिन है जब प्रेम का रंग विशेष ताज़गी बिखेरते हुए पूरे वातावरण को जीवंत उत्सव में तब्दील कर देता है। भारत में फरवरी का बेमिसाल मौसम और प्रेम उत्सव की जुगलबंदी तन और मन को अनोखा अनुभव प्रदान करती है जिसकी निराली छटा में घूमने का आनंद इसकी खूबसूरती को और भी ज्यादा रंगीन बना देता है। वेलेंटाइन डे को और भी ज्यादा खास और यादगार बनाने के लिए यहां कुछ लोकप्रिय जगहें हैं, जहां साथ बिताया गया क्वालिटी टाइम, पर्यटन खूबसूरती और भी बहुत कुछ अद्वितीय अनुभूति देने वाली है।

1. जैसलमेर, राजस्थान

भारत की स्वर्ण नगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर रोमांटिक जोड़ों के लिए स्वप्निल खूबसूरती से कम नहीं है जहां रेत की सुनहरे आकर्षण, किलों की भव्य बनावट, शाही महल, रेगिस्तानी महोत्सव, टिमटिमाते तारों की रोशनी को शिविर के दौरान निहारना। वेलेंटाइन डे पर अपने साथी के साथ शाही अंदाज़ में प्यार के इज़हार में चार चांद लगाने के लिए जैसलमेर सर्वश्रेष्ठ जगह है, यहां सूर्यास्त के समय ऊंचे रेतीले टीलों पर ऊंट की सवारी करना, शाही हेरिटेज होटलों में राजा रजवाड़ों की जीवनशैली को अपनाते हुए समय बिताना और झीलों की मौन उपस्थिति व बाजारों की जीवंतता को महसूस करने से वेलेंटाइन के मौके पर प्रेमी जोड़ों के बीच समझ और नजदीकी और भी ज्यादा मजबूत होती है।

प्रमुख बिन्दु

  • दुनिया के एकमात्र जीवित किले के रूप में प्रसिद्ध जैसलमेर किले में फोटोग्राफी का आनंद लें 
  • सैम सैंड ड्यून्स में ऊंट की सवारी, जीप सफारी और कैपिंग करें। 
  • गडीसर झील में जटिल नक्काशी, आकर्षक वास्तुकला देखें। 
  • राजस्थानी लोकसंगीत और नृत्य में डूब जाए
  • ंराजस्थानी हस्तशिल्प, आभूषण और स्मृतिचिन्ह भेंटस्वरूप खरीद सकते हैं। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • जैसलमेर पहुंचने के लिए जोधपुर हवाई अड्डा तकरीबन 300 किमी की दूरी पर है जहां से आप बस से या टैक्सी/कैब बुक कर जैसलमेर पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • जैसलमेर पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन जैसलमेर है जहां प्रमुख् भारतीय शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, काठगोदाम, अहमदाबाद, जयपुर या जोधपुर से रेलों का बेहतर आवागमन है। 

सड़क मार्ग से 

  • राजस्थान और आसपास के प्रमुख शहरो ंसे जैसलमेर के लिए डायरेक्ट बस और कैब सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा जैसलमेर की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर है जहां भारत के प्रमुख शहर से बस या स्वयं की कार से पहुंच सकते हैं। 

2. वर्कला, केरला

प्रमुख शानदार तटीय शहर वर्कला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन समुद्री आकर्षणों के लिए जाना जाता है। वेलेंटाइन समय पर ताजे सीफूड और पारंपरिक केरल के व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। वर्कला में आप अपने साथी के साथ कई एडवेंचर गतिविधियों का अनुभव भी ले सकते है जैसे सर्फिंग, पैराग्लाइडिंग इत्यादि। वर्कला में सिर्फ समुद्री आकर्षण ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों को भी निहार सकते हैं। स्वर्ण रेत और जीवंत वातावरण के लिए मशहूर वर्कला प्रेम की पवित्र भावना से अभिसिंचित करती हुई शांति और एडवेंचर से ओतप्रोत ताज़गी प्रदान करती है। 

प्रमुख बिन्दु 

  • वर्कला बीच पर प्रेमी जोड़े सनबाथिंग, स्विमिंग और वाटर स्पोर्ट्स का आनंद ले सकते हैं। 
  • तकरीबन 2000 साल प्राचीन जनार्धन स्वामी मंदिर की आकर्षक वास्तुकला निहारें और मंदिर दर्शन करें। 
  • 17वीं शताब्दी में पुर्तगालियों द्वारा बनाए गए अजेंगो किले में इतिहास की झलक निहारेंं और लाइटहाउस, पुरानी दीवारों के अवशेषों को निहारे। 
  • वर्कला में स्थित कपिल झील की शांति और सुंदरता को देखते हुए जैव विविधता संपन्न क्षेत्र में पक्षी दर्शन करें। इसके अलावा जोड़े में बोटिंग का अनुभव सहेजें। 
  • तिरुवंबडी बीच में एकांत क्वालिटी टाइम बिताएं और पनमोनुथुरुथु द्वीप की गोल्डन आईलैण्ड धरती पर बोट सवारी का आनंद लें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • हवाई रास्ते से वर्कला पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा त्रिवेंद्रम इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो वर्कला से लगभग 54 किमी है। हवाई अड्डे से टैक्सी/कैब या बस के माध्यम से वर्कला बीच तक पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • वर्कला पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन वर्कला शिवगिरी रेलवे स्टेशन है जहां से वर्कला समुद्री क्षेत्र और मुख्य क्षेत्र लगभग 2 किमी दूरी पर हैं। वर्कला रेलवे स्टेशन के अलावा त्रिवेंद्रम, कोच्चि रेलवे स्टेशनों पर उतरकर वाया सड़क क्रमशः 1.5-2 घंटे व 4-5 घंटे में पहुंच सकते हैं। वर्कला रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव है। 

सड़क मार्ग से 

  • केरल और आसपास के प्रमुख शहरों से वर्कला पहुंचने के लिए सड़क की अच्छी व्यवस्था है। सार्वजनिक व प्राइवेट दोनों तरह की बसें संचालित होती हैं। जहां आप आराम से वर्कला की सैर कर सकते है। 
  • आप त्रिवेंद्रम की ओर से वर्कला आने के लिए लगभग 45 किमी की दूरी, एनएच 66 की उत्तर दिशा में कल्लमबलम तक फिर राज्य राजमार्ग 64 होते हुए दाहिनी तरफ वर्कला की ओर जाएं। 
  • कोच्चि की दूरी 170 किमी है जिसे आप अलपुझा व कोल्लम होते हुए एनएच 66 की दक्षिणी दिशा पर तय करते हुए वर्कला पहुंच सकते हैं। 

3. गुलमर्ग, कश्मीर

वेलेंटाइन डे के समय कश्मीर का गुलमर्ग विंटर वन्डरलैंड के रूप में परिवर्तित हो जाता है। गुलमर्ग अपने बेहतरीन फूलों के शानदार दृश्यों के कारण फूलों के मैदान जैसा प्रतीत होता है, जहां फरवरी के समय बर्फ की श्वेत चादर ऊंचे शंकुलधारी पेड़ों और चीड़, देवदार के वृक्षों की सघनता को ढक देती है, ऐसे में गुलमर्ग प्रेमी जोड़ो के लिए आदर्श स्थान की भांति प्रतीत होता है। यहां के होटल और रिसार्ट्स वेलेंटाइन स्पेशल मौके पर ठहरने की व्यवस्था के साथ ही रोमांस से भरपूर कैंडललाइट डिनर, कपल डांस थीम और कई सारे कपल गेम्स का आयोजन करते हैं। अगर आप लव और एडवेंचर दोनों को एक साथ एन्जॉए करना चाहते हैं तो साथी के साथ कई सारी बर्फीले खेल गतिविधियों का अनुभव भी ले सकते हैं। 

प्रमुख बिन्दु 

  • अगर बर्फ देखने के शौकीन हैं तो फरवरी के समय गुलमर्ग में स्नोफॉल का आनंद लें। 
  • गुलमर्ग गोंडोला सवारी को यादगार तरह से सहेजें। 
  • एडवेंचर स्कीइंग के शौकीन हैं तो एशिया में सर्वश्रेष्ठ स्कीइंग स्थल गुलमर्ग का भ्रमण करें। 
  • बर्फीली गतिविधियां स्लेज राइड, स्नामोबलिंग का आनंद ले इसके अलावा जम चुके ड्रेग झरने और डल झील में शिकारा झील का आनंद लें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • गुलमर्ग पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा श्रीनगर एयरपोर्ट है जिसकी गुलमर्ग से दूरी लगभग 60 किमी है। हवाई अड्डे से गुलमर्ग पहुंचने के लिए बस व कैब की सुविधा उपलब्ध हैं। 

रेल मार्ग से 

  • रेल माध्यम से गुलमर्ग पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मूतवी है, यहां से गुलमर्ग की दूरी लगभग 291 किमी है। जम्मू से गुलमर्ग पहुंचने के लिए सीधे गुलमर्ग के लिए कैब या बस ले सकते हैं इसके अलावा बस में जम्मू से श्रीनगर, फिर श्रीनगर से गुलमर्ग तक की लगभग 60 किमी दूरी को बस या कैब से तय कर सकते हैं।

सड़क मार्ग से

  • सड़क माध्यम से गुलमर्ग पहुंचने के लिए हिमाचल प्रदेश के कुछ शहरो से या जम्मू कश्मीर के रास्ते पहुंच सकते हैं। इन रास्तों पर सरकारी व निजी दोनों तरह की बसों का संचालन होता है।

4. कच्छ का रण, गुजरात

नमकीन रेगिस्तान के रूप में प्रसिद्ध कच्छ का रण प्रेमी जोड़ों के लिए स्वर्ग जैसा स्थान है, जहां जीवंत उत्सव और फरवरी मौसम की शानदार दस्तक प्रकृति के खूबसूरत पक्षों से रूबरू कराता है। लोक संगीत और नृत्य ध्वनियों से सराबोर कच्छ का रण अपने आलीशान टेंट सिटी के माध्यम से पर्यटकों को तारों भरी मध्धम शीतल रातों का आश्रय प्रदान करता है। वेलेंटाइन डे पर कच्छ के रण में एक साथ समय बिताने के साथ ही इन पलों को संजोने के लिए आप निजी टेंट में विभिन्न तरह की तैयारियों की साथ एक दूसरे के साथ प्यार का इजहार कर सकते हैं। केक, फूलों की सजावट और धीमी रोशनी के साथ रोमांटिक माहौल को एक दूसरे के साथ एन्जॉए करें। 

प्रमुख बिन्दु 

  • फरवरी के दौरान प्रेमी जोड़े कच्छ के रण उत्सव का आनंद लें। 
  • कच्छ की रंगीन और जीवंत संस्कृति को खुले आकाश के नीचे स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ एन्जॉए करें।
  • कच्छ के रण में स्थानीय कामगारों द्वारा बनाए गए अनोखे हस्तशिल्प उत्पाद और बाजार हाट में कई सारे हस्तनिर्मित शिल्पकला नमूनों के संग्रहों को देखें और खरीदारी करें। 
  • कच्छ घूमने के लिए फरवरी महीना सर्वोत्तम है, इन दिनों प्रेमी जोड़े अनगिनत यादगार पलों को कैमरे में कैद कर सकते हैं और कई सारे हैण्डीक्राफ्ट जैसे मिट्टी से बने बर्तन, बारीक कढाई, तांबे की घंटियां और आभूषणों को स्मृति में सहेजने के लिए खरीद सकते हैं। 
  • स्थानीय स्वाद का यादगार अनुभव लें और सूर्योदय व सूर्यास्त के दृश्यों को निहारें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • कच्छ का रण पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा भुज एयरपोर्ट है जिसकी कच्छ के धोर्डो गांव से लगभग 80 किमी की दूरी है। हवाई अड्डे पहुंचकर आप कच्छ के लिए बस या टैक्सी के माध्यम से धोर्डो पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • कच्छ के रण पहुंचने के लिए रेलमार्ग की बेहतर सुविधा है जहां नजदीकी रेलवे स्टेशन भुज रेलवे स्टेशन है जहां देश भर से ट्रेनें भुज पहुंचती है। भुज रेलवे स्टेशन से कच्छ के धोर्डो गांव की लगभग 80 किमी दूरी को तय करने के लिए बस, टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। जहां आप शेयरिंग या बुक कर आराम से पहुंच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • सड़क मार्ग से कच्छ का रण पहुंचने के लिए गुजरात या आसपास के प्रमुख शहरों से सीधी बस/कैब या स्वयं ड्राइविंग कर आराम से पहुंच सकते हैं। 

5. खजुराहो, मध्य प्रदेश

भारत के सात अजूबो में शामिल खजुराहो यूनेस्को वैश्विक धरोहरों मे ंगिनी जाती है, जहां प्रेम आलिंगन को दर्शाती मूर्तियों से बने मंदिरों के विशाल समूह स्थल है। 950 से 1050 ईस्वी के मध्य चंदेल शासकों द्वारा इस स्थान पर इन जटिल मूर्तियों की रचना की गई। प्रेम कलाओं और रूपों को स्पष्ट रूप से दर्शाती यह मूर्तियां भारतीय परंपराओं और आदर्शों के साथ नाता नहीं रखती हैं। वेलेंटाइन डे के समय मध्य प्रदेश के इस विरासत और प्राचीन शहर खजुराहो में प्रेमी जोड़े बलुआ पत्थरों से निर्मित कई ऐतिहासिक संरचनाओं और जटिल नक्काशी से सुसज्जित भव्य आकृतियों को देख सकते हैं। प्राचीन समय में यहां 85 मंदिर हुआ करते थे जिनमें से अब सिर्फ 25 ही शेष हैं। 

प्रमुख बिन्दु 

  • प्राचीन कंदारिया महादेव, खजुराहो मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और अन्य स्थलों के दर्शन करें।
  • मध्ययुगीन कामुक कला मूर्तियों की बेहतरीन नक्काशी और वास्तुकला के अद्भुत नमूनों को निहारें। 
  • रानेह जलप्रपात, पन्ना उद्यान और अन्य प्राकृतिक जगहों को घूमें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • खजुराहो पहुंचने के लिए घरेलू हवाई अड्डा सिटी खजुराहो एयरपोर्ट है जहां से खजुराहो लगभग 2 किमी दक्षिण में स्थित है। 

रेल मार्ग से 

  • खजुराहो पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन खजुराहो रेलवे स्टेशन है जहां से शहरी केंद्र की दूरी लगभग 4.5 किमी है इसे आप रिक्शा या टैक्सी से तय कर खजुराहो घूमने जा सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • खजुराहो उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के शहरों से अच्छी तरह कनेक्टेड है। यहां आप झांसी, ओरछा, छतरपुर के रास्ते बहुत आराम से पहुंच सकते हैं। झांसी से खजुराहो के लिए सीधी बसों का संचालन होता है जहां आप बस/कैब या ट्रेन के माध्यम से खजुराहो पहुंच सकते हैं। 

6. हम्पी, कर्नाटक 

वेलेंटाइन और फरवरी के समय हम्पी घूमना प्रेमी जोड़ों के लिए रोमांस और इतिहास के पन्नों से सराबोर एहसास प्रदान करता है। यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में प्रसिद्ध यह प्राचीन खंडहर शहर अपने चट्टानी पृष्ठभूमियों, ऐतिहासिक मंदिरों, प्राकृतिक सरंचनाओं और शानदार सूर्यास्त के मनोरम दृश्यों को प्रदान करता है। 

प्रमुख बिन्दु 

  • तुंगभद्रा नदी में गोल नाव यानी कोराकली की सवारी का अनुभव लें। 
  • सूर्योदय व सूर्यास्त के समय मंतगा हिल के जादुई नजारों का अनुभव लें। 
  • मंदिरों की अद्भुत द्रविड़ वास्तुकला, विट्ठल मंदिर में महा मंडप, पत्थर का रथ, संगीतमय स्तंभ और क्वीन बाथ वास्तुकला आकर्षणों को देखें।
  • फरवरी के समय हम्पी का मौसम शानदार और लुभावना रहता है ऐसे में वेलेंटाइन एन्जॉए और घूमने के लिए यह समय और स्थान सर्वश्रेष्ठ है। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • हवाई रास्ते से हम्पी जाने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा बेल्लारी है जिसकी हम्पी से दूरी करीब 60 किमी है, इसके अलावा हम्पी से 40 किमी की दूरी पर विद्यानगर हवाई अड्डा है जहां एयरपोर्ट से हम्पी तक आप टैक्सी/कैब, बस या किसी अन्य परिवहन माध्यम से पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • हम्पी शहर से नजदीकी रेलवे स्टेशन होसपेट है जिसकी दूरी लगभग 13 किमी है। होसपेट जंक्शन देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। होसपेट जंक्शन से हर आधे घंटे पर हम्पी जाने के लिए राज्य स्तरीय बस सेवा उपलब्ध है। 

सड़क मार्ग से 

  • हम्पी तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क मार्ग उपलब्ध है जहां कर्नाटक/महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों से हम्पी या होसपेट के लिए सीधी बसें चलती हैं। मुंबई, बेंगलुरू, पुणे, कोल्हापुर आदि शहरों से बस या कैब सुविधा लेकर आराम से हम्पी घूमने पहुंच सकते हैं। 

7. आगरा, उत्तर प्रदेश 

ताजनगरी के नाम से प्रसिद्ध आगरा प्रेम की निशानी ताजमहल के लिए प्रेमी जोड़ों की ज़ुबान पर हमेशा ही रहता है। राजधानी दिल्ली से वीकेंड दूरी पर स्थित आगरा वेलेंटाइन डे की यादों को शानदार और यादगार बनाने के लिए उपयुक्त जगह है। रोमांस और इतिहास का सहज मेल प्रस्तुत करता आगरा अपने जीवंत अनुभवों, शानदार वास्तुकला आकर्षण और समृद्ध विरासत के लिए मशहूर है। यमुना नदी के किनारे ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य के साथ प्रेमी जोडे़ वेलेंटाइन डे उत्सव मना सकते हैं। 

प्रमुख बिन्दु

  • वेलेंटाइन वीक के समय आगरा की फेस्टिव वाइब्स ऑन हो जाती है ऐसे में ताजमहल की छटा देखते बनती है। 
  • सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आकाश के बदलते रंगों को निहारें और शाम के समय कैंडललाइट डिनर का आनंद लें। 
  • आगरा के कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करें और फोटोग्राफी का लुत्फ लें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • आगरा पहुंचने के लिए खेरिया हवाई अड्डा सबसे ज्यादा नजदीकी हैं जहां नई दिल्ली से केवल एयर इंडिया उड़ान संचालित होती है, जिसकी समयावधि 60 मिनट से भी कम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी हवाई अड्डा है जिसकी दूरी लगभग 200 किमी से भी ज्यादा है, इसे तय करने के लिए बस या टैक्सी बुक कर आगरा पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से

  • आगरा में पांच रेलवे स्टेशन हैं - आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, राजा की मंडी, आगरा सिटी, ईदगाह रेलवे स्टेशन हैं। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से ताजमहल और आगरा किला नजदीक ही हैं। आगरा देश के सभी प्रमुख शहरों से रेलमार्ग माध्यम से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। 

सड़क मार्ग से 

  • आगरा सड़क मार्ग से आसपास के प्रमुख शहरो से अच्छी तरह कनेक्टड है जहां दो बड़े अंतरराज्यीय बस टर्मिनल हैं- इदगाह बस स्टैंड व आईएसबीटी बस स्टैंड हैं जिनकी ताजमहल से दूरी क्रमशः 8 किमी व 12 किमी है। लखनऊ, जयपुर, ग्वालियर, कानपुर, दिल्ली व अन्य जगहो से बस या कैब के माध्यम से आगरा घूमने पहुंच सकते हैं। 

8. नैनीताल, उत्तराखंड

उत्तराखंड का यह स्थान प्रमुख पर्यटन स्थल है जहां रोमांटिक जोड़ों के लिए कई सारी विविधताएं देखने को मिलती है। आप यहां ट्रेकिंग, रोपवे सवारी, विभिन्न स्वादिष्ट आनंद और खरीदारी का अनुभव ले सकते हैं। नैनीताल में वेलेंटाइन समय बिताना और प्राकृतिक नजारों का अनुभव करना नैनीताल का अनोखा अनुभव प्रदान करता है। 

प्रमुख बिन्दु 

  • लवर्स पॉइंट पर समय बिताएं 
  • कैंडललाइट डिनर और कैफे हॉपिंग में कॉफी का अनुभव लें। 
  • झील किनारें रात के समय एक दूसरे का हाथ थामते हुए सैर करें। 
  • किलबरी रोड, सात ताल और अन्य प्राकृतिक स्थलों को निहारें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • हवाई रास्ते से नैनीताल पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर हवाई अड्डा है जहां से नैनीताल की दूरी लगभग 70 किमी है। पंतनगर तक दिल्ली से और अधिकतर चार्टड उड़ानें ही संचालित होती हैं। अगर आप अंतरराष्ट्रीस हवाई अड्डे के माध्यम से नैनीताल पहुंचना चाहते हैं तो नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से तकरीबन 300 किमी की दूरी तय कर नैनीताल घूमने जा सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • नैनीताल का नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है जहां से आप लगभग 34 किमी की दूरी तय कर आराम से नैनीताल की सैर के लिए पहुंच सकते हैं। काठगोदाम से नैनीताल के लिए बस या कैब की सुविधा बहुत आसानी से मिल जाती हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग 87 पर स्थित है, इसके माध्यम से देश भर में कहीं से भी सड़क माध्यम से नैनीताल पहुंच सकते हैं। दिल्ली जैसे प्रमुख शहरो ंसे नैनीताल के लिए सीधी बस या कैब सुविधा भी उपलब्ध रहती है। आप चाहें तो नैनीताल जाने के लिए वॉल्वो बस भी बुक कर जा सकते हैं। 

9. शिलांग, मेघालय 

पूर्व के स्कॉटलैंड के रूप में प्रसिद्ध शिलांग वेलेंटाइन पर और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाता है। चीड़ के वन और हरी भरी वसुंधरा, पहाड़ों के शहर, खूबसूरत झीलों व झरनो के साथ प्रेमी जोड़े एक साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। गारो खासी जयंतिया हिल समूह और जातीय समूहों के मध्य बसा शिलांग प्रकृति के बेहद करीब, साफ स्वच्छ वातावरण, जीवंत आदिवासी संगीत और समृद्धिशाली वन्यजीव को दिखलाता है। 

प्रमुख बिन्दु 

  • उमियम झील में लव बर्ड्स नौका विहार और सूर्यास्त का नजारा देखें। 
  • खट्टी मीठी चावल की बनी बीयर का स्वाद लें सकते हैं। 
  • रोमांटिक सी सैर व डिनर करते हुए वेलेंटाइन पर लाइव म्यूजिक परफॉरमेंस का आनंद लें। 
  • वार्ड्स झील पर विभिन्न तरह के फूलों का दीदार करें। 
  • शिलांग चोटी से पूरे शिलांग का शानदार नजारा देखें और फोटोग्राफी का मजा लें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से

  • शिलांग पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गुवाहाटी में है जहां से शिलांग की दूरी लगभग 130 किमी है, यहां देश विदेश के प्रमुख शहरों से उड़ानें संचालित होती हैं। निकटतम घरेलू हवाई अड्डा उमरोई है जिसकी शिलांग से दूरी लगभग 35 किमी है, यहां क्षेत्रीय उड़ानें कोलकाता से संचालित होती हैं। हवाई अड्डों से शिलांग जाने के लिए बस या टैक्सी/कैब की सुविधा आसानी से मिल जाती है। 

रेल मार्ग से 

  • शिलांग का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन गुवाहाटी है जहां से शिलांग की दूरी लगभग 100 किमी है। गुवाहाटी से शिलांग तक जाने के लिए बस/कैब वगैरह ले सकते हैं और इसके माध्यम से दूरी तय कर सकते हैं। 

सड़क मार्ग से 

  • शिलांग जाने के लिए एनएच 40 के माध्यम से सड़क यात्रा कर सकते हैं। आप स्वयं की कार या असम राज्य परिवहन निगम/मेघालय परिवहन निगम की बसों का विकल्प चुन कर मेघालय पहुंच सकते हैं। इन विकल्पों की उपलब्धता 24/7रहती है। 

10. कूर्ग, कर्नाटक

फरवरी और वेलेंटाइन का संयोग कूर्ग को बेहद शानदार आकर्षण प्रदान करता है जहां सुबह शाम के साथ दोपहरें भी रिझाती हैं। कूर्ग में स्थित विशाल कॉफी बागान और उनमें खिलते फूलों की खुशबू से पूरा वातावरण गुलज़ार हो जाता है। इन हसीं वादियों में साथ रहना और समय बिताना वेलेंटाइन के सफर को और भी ज्यादा रंगीन बना देता है। यहां बोनफायर, डिनर और आकर्षक पहाड़ियों के परिदृश्य पार्टनर के साथ और भी ज्यादा आकर्षक प्रतीत होते हैं। 

प्रमुख बिन्दु 

  • राजा की सीट पर साथ जाएं और सूर्यास्त के नजारो ंका आनंद लें। 
  • एबी फॉल्स, मंडालपट्टी पीक के दुर्लभ नजारों को देखें। 
  • यहां बने मठों में दर्शन करें। 

कैसे पहुंचे ? 

हवाई मार्ग से 

  • कूर्ग का नजदीकी हवाई अड्डा मैंगलोर इंटरनेशनल हवाई अड्डा है जहां से कूर्ग की दूरी लगभग 160 किमी दूरी पर है। यहां से टैक्सी या बस द्वारा सीधे कूर्ग तक पहुंच सकते हैं। 

रेल मार्ग से 

  • कूर्ग का नजदीकी रेलवे स्टेशन मैसूर जंक्शन है जिसकी कूर्ग से दूरी लगभग 95 किमी हैं। 

सड़क मार्ग से

  • सड़क मार्ग से कूर्ग की यात्रा बेहद आसान है जहां कर्नाटक के प्रमुख शहरों से कूर्ग के मडिकेरी और कुशालनगर बस स्टैंड के माध्यम से बस या बुकिंग पर कैब/टैक्सी माध्यम से पहुंच सकते हैं। 

निष्कर्ष

वेलेंटाइन डे और फरवरी का शानदार मौसम लव पार्टनर्स को पर्यटन के साथ विशेष आनंद प्रदान करता है। राजस्थानी रंग में रंगा जैसलमेर हो चाहे श्वेत नमक से कच्छ के रण की विस्तृतता, मध्य प्रदेश के खजुराहो की मूर्तिकला की अद्वितीय झलक हो या कूर्ग, नैनीताल के प्राकृतिक नजारों की विस्तृत श्रृंंखला- इन भारतीयों जगहो पर वेलेंटाइन वीक और दिवस सभी प्रेमियों के लिए अद्भुत आनंदमयस्पर्शी अनुभव प्रदान करने के साथ ही आपसी बंधन को नवीन और जीवंत उत्सव के रूप में बदल देता है।

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